नई दुनिया कांग्रेस के हाथों कबका बिक चुका है!

Pankaj Jha : नयी दुनिया अखबार भले जागरण के हाथ आज-कल में बिका हो लेकिन कांग्रेस के हाथ तो कब का न ये दैनिक बिक चुका है. आज का ही अंक देखिये. जहां देश के लगभग सारे अखबारों ने सोनिया-मनमोहन द्वारा किये गए दस लाख करोड के घोटाले को प्रमुखता से प्रकाशित किया है वहीं नयी दुनिया की सुर्खी है :- 'कोयला घोटाले की रिपोर्ट भ्रामक.' आज यह महसूस हुआ कि नए दुनिया का बंद हो जाना लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत है.

पत्रकार पंकज झा के फेसबुक वॉल से साभार

 

 
 

 

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