: प्रदूषण की खबर न छापने पर ग्रामीणों ने जागरण अखबार को सरेआम जला दिया : मुंगेर (बिहार) : आईटीसी लिमिटेड (सिगरेट बनानेवाली देश की प्रमुख कंपनी) के कारण आसपास के गांवों में विद्यमान जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण से परेशान नया गांव के ग्रामीणों के प्रदर्शन की खबर नहीं छापने पर क्रोधित ग्रामीणों ने मुंगेर शहर के गुलजार पोखर मोहल्ला स्थित दैनिक जागरण कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया और दैनिक अखबार के पक्षपातपूर्ण रवैया की भर्त्सना की।
ग्रामीणों ने दैनिक जागरण कार्यालय के समक्ष दैनिक जागरण अखबार की सैकड़ों प्रतियों को सरेआम विरोध स्वरूप जला दिया। अखबार जलाने के बाद कोतवाली पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।
क्रोधित ग्रामीण नारा लगा रहे थे–'दैनिक जागरण प्रबंधन ग्रामीणों की मांगों की उपेक्षा बन्द करे', 'दैनिक जागरण मुर्दाबाद' आदि। ग्रामीणों ने घोषणा की है कि चूंकि दैनिक जागरण ने ग्रामीणों की जल प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण की पीड़ा से जुड़ी खबरों को अखबार में जगह नहीं दिया, इसलिए ग्रामीण भविष्य में दैनिक जागरण का बहिष्कार करेंगे। नया गांव के ग्रामीण अब से दैनिक जगारण अखबार नहीं पढ़ेंगे।
ग्रामीण शंकर चैधरी और शंकर साव ने बताया कि आईटीसी कंपनी की गलत नीति के कारण आसपास के ग्रामीण प्रदूषित जल पी रहे हैं। चापाकल का पानी हरा रंग का हो गया है। कंपनी के पाताल बोरिंग के कारण आसपास के अनेक गांवों के सभी चापाकल बेकार हो गये हैं। 21 सितंबर को क्रुद्ध ग्रामीणों ने आईटीसी लिमिटेड के मुख्य गेट को दो घंटे तक जाम कर दिया था और जल प्रदूषण व ध्वनि प्रदूषण से ग्रामीणों को निजात दिलाने की मांग की थी।

इस प्रकरण की खबरें दैनिक जागरण ने नहीं प्रकाशित की क्योंकि कहा जा रहा है कि यह अखबार आईटीसी कंपनी के प्रभाव में है और उसे कंपनी से काफी पैसा खिलाफ खबरें न छापने के लिए मिलता है। साथ ही कंपनी कई अन्य रूप में दैनिक जागरण को लाभ देती है, इसलिए जागरण प्रबंधन कंपनी के विरोध में कोई खबर नहीं छापता।
मुंगेर से श्रीकृष्ण प्रसाद की रिपोर्ट





