निवेशकों ने सहारा में विश्वास कायम रखकर उच्चतम न्यायालय के मुंह पर करारा चांटा जड़ा है!

Madan Tiwary : इस देश की न्यायपालिका में भी जाहिल, मक्कार, षडयंत्रकारी भरे पड़े हैं। उच्चतम न्यायालय के जजों को कम नहीं समझो। लेकिन ये जमूरे कितने मूर्ख हैं कि अभी अभी देश की अवाम ने जोरदार थप्पड़ इनके मुंह पर मारा और ये समझ भी नही पायें। सहारा इंडिया का सुब्रतो राय जेल में है। उच्चतम न्यायालय का कहना है बीस हजार करोड़ सेबी के पास जमा करने के लिये, ताकि यह राशि निवेशकों के बीच वितरित की जा सके। सेबी के पास पहले से शायद पांच हजार करोड़ जमा है। उसको अभी तक वितरित नहीं कर पाया है सेबी।

न्यूज चैनल से लेकर अखबार तक इस मामले की सच्चाई नहीं दिखा रहे हैं। सारे घटनाक्रम को इस तरह से दिखाया जा रहा है जैसे जज साहब के बाप का पैसा सुब्रतों ने गबन कर लिया हो। सेबी में कौन लोग होते हैं, यह सबको पता है। पैसा लगाने वाले निवेशक पैसा वापस नहीं चाहते, उन्हें सहारा पर विश्वास है। आज भी पूरे देश मे सहारा का कार्यालय चल रहा है, कहीं कोई हंगामा नहीं, यह सब कुछ सहारा को बर्बाद करने के लिये किया गया था, जो फेल होता हुआ दिख रहा है।

षडयंत्रकारियो ने सोचा था कि सहारा के सुब्रतो की गिरफ़्तारी के बाद निवेशक सड़कों पर आ जायेंगे और अपनी जमा राशि निकालने लगेंगे जिससे सहारा दिवालिया हो जायेगा। निवेशकों का विश्वास सहारा में कायम है, कोई हंगामा नहीं। निवेशकों ने सहारा में विश्वास कायम रखकर उच्चतम न्यायालय के मुंह पर करारा चांटा जड़ा है जिसकी गूंज हम सुन रहे हैं, वह जज नहीं। अगर मैं सुब्रतो की जगह होता तो न सिर्फ़ उस जज की कलई खोल देता बल्कि उसे चार गाली देता जैसे अरुंधती ने दिया था। ये भगवान नहीं हैं। ये भाई-भतीजावाद करते हैं। जातिवाद करते हैं, भ्रष्ट हैं। कोई डर से नहीं बोलता, लोग डरते हैं। हम फ़क्कड़ों को कोई डर नहीं। छेड़ा नहीं कि बखिया उधार के रख दूंगा। कहां क्या है, बाल बच्चे कितना खर्च करते हैं, दलाल कौन है सब सामने ला दूंगा। सहारा मामले में निवेशकों के हित के खिलाफ़ उच्चतम न्यायालय और सेबी काम कर रहा है। बताये किसके हित में वे काम कर रहे हैं? कौन है वह पर्दे के पीछे का आदमी?

मदन तिवारी बिहार के गया जिले के जाने-माने वकील और पत्रकार हैं. उनका यह लिखा उनके फेसबुक वॉल से लिया गया है. उपरोक्त स्टेटस पर पक्ष-विपक्ष में आए कमेंट इस प्रकार हैं…

Anil Garg Madan bhaai, isiliye log jay jay kaar kar rahe h aapki.

Ratan Pathak सहमत हुँ गुरुदेव
 
Chandan Sharma Vishwash barkarar hai…
 
Kumar Sauvir मदन जी, लगता नहीं है कि आप वकील हैं। पहले यह समझने की कोशिश कीजिए कि दरअसल यह 24 हजार करोड़ किसी निवेशक का नहीं है, बल्कि हराम का पैसा है। ब्‍लैकमनी। इसीलिए इसके निवेशक मांग ही नहीं रहे हैं। सुब्रत की समस्‍या पैसा देना नहीं है, बल्कि दिक्‍कत यह है कि यह किस लिस्‍ट के नाम पर यह पैसा सेबी को दे दे। जाहिर है कि यह पैसा ब्‍लैटियरों का है और अनएकाउंटेड मनी है। इसीलिए सुब्रत के पास इसका हिसाब ही नहीं है। सेबी से झूठ बोल कर सुब्रत ने नेताओं-अफसरों की हराम की काली कमाई सहारा में लगायी है। फिर आपको समस्‍या क्‍या है। या फिर आप चाहते हैं कि हराम की रकम हरामजादों के ही हक में रहे। कम्‍म्‍म्‍माल करते हैं यार आप। अरे आप वकील हैं यार, तो कम से कम वकालत के नुक्‍तों को समझने की कोशिश कीजिए। मैं जानता हूं इस काले चोर को बेहिसाब। बहुत अच्‍छी तरह। इस पर अभी लिखने जा रहा हूं

Madan Tiwary Kumar Sauvir अगर वह ब्लैक मनी है तो उच्चतम न्यायालय क्या घोंचू है ? वहा आयकर विभाग को क्यों नहीं निर्देश देता है जांच के लिए ? सर जी पैसा और जमीन लकीर छोड़ जाते है . मै बहुत ही उलझे हुए मुकदमो में इसी सिद्धांत परा काम करता हु. काले धन की जांच के लिए आयकर विभाग है वस्तुत यहाँ मामला सुब्रतो को शेयर मार्केट में आने से रोकने के लिए है. सारे केतन पारिख , हर्षद मेहता बर्बाद हो जायेंगे अगर एक बार कोई इधर का वहा पहुँच गया .

Madan Tiwary ऐसा नहीं है की सुब्रतो राय कोई महात्मा गांधी है. इन्होने भी बहुत सारे फ्राड और गलत काम किये है . ये कोई महात्मा नहीं है . इनके पास भी बेशुमार काला धन माफियाओं का है परन्तु वर्तमान मामले में उच्चतम न्यायालय गलत है.

Kumar Sauvir हर्गिज नहीं। सुब्रत ने नियमों को धता बता कर पैसा उगाहा बताया है। आयकर की बात तो इसके बाद ही होती है जब सेबी इससे निपट ले। और आपको खूब पता है कि सेबी नियामक संस्‍था है। अदालत के समतुल्‍य। आपसे अनुरोध है कि कृपया इस पर खुद को संशोधित कर लें। आपकी बात सुब्रत जैसे चोर-दुराचारियों के पक्ष में खड़ी दिख रही है। बाकी रही सर्वोच्‍च न्‍यायाल के घोंचू होने या नहीं की, तो उस पर बाद में बात होती रहेगी । बस यह समझ लीजिए कि शेयर मार्केट में सुब्रत को रोकने से नहीं, बल्कि सहारा जैसे झूठों-कमीनों को इस बाजार में रोकने की कोशिश की है सेबी ने। हां, इतना जरूर हो सकता है कि कांग्रेस सरकार इस मामले में ज्‍यादा ही सक्रियता दिखा रही हो। और अगर ऐसा है, तो इसमें भी किसी तरह की दिक्‍कत नहीं हो सकती है गयावालेपंडीजी

Madan Tiwary Kumar Sauvir मै समर्थक नहीं हूं और न हो सकता हूं. मुद्दों के आधार परा बोलता हूं. सेबी जैसी अनेकों संवैधानिक संस्थाए हैं. इनके सदस्य कैसे बनाए जाते हैं? मैं लोकपाल का विरोध इसी कारण किया था कि इस तरह की संस्थाएं कुछेक लोगो के प्रभाव में काम करती हैं. दिखने में भले निष्पक्ष लगे.

Kumar Sauvir लेकिन इसका मतलब यही है पंडीजी कि इस संस्‍था केवल चोर-सियारों की बन चुकी है। अरे कम से कम किसी एक बडे चोर को पकडा है तो उसकी जयजयकार तो कीजिए। ना कि यह कि बाकी चोर के चलते सरगना को भ्‍ज्ञी छोड दीजिए। अरे यह इस चोर-धंधे का सरगना है सुब्रत राय

Rajesh Rai मदन तिवारी जी मैं आप के साथ हूं ।

Kumar Sauvir Rajesh Rai : वह वक्‍त अब आने ही वाला है जब किसी न किसी आर्थिक दुराचारी के साथ खड़े दिखते रहेंगे.. और हां, इसी तर्क पर आप और आपके मदन तिवारी जी सारे दुराचारियों को जेल से निकाल कर कुमार सौवीर जैसे लोगों को जेल में ठूंस दें तो बेहतर होगा

Rajesh Rai कमजोर और पीडित का साथ देना हमारा धर्म है और यहां सुब्रत राय पीडि़त है ।

Madan Tiwary Kumar Sauvir सौदा पट गया तो सारा मामला रफा दफा . बहुत निराशा हाथ लगेगी . कौन से मामले में पकड़ा ? क्या पकड़ा ? क्या होगा ? लगता है आपको व्यहारिकता नहीं पता . आप यहा बताये सुब्रतो क्या किसी भ्रष्टाचार के मामले में जेल में है ? जी नहीं , आज वहा बीस हजार करोड़ जमा करा देगा , कल बाहर . यह एक खेल है जिसमे एक पार्टी उच्चतम न्यायालय भी है

Kumar Sauvir सुब्रत राय अगर पीडि़त है तो आप सीधे मुझे ही बलात्‍कारी, दुराचारी, कदाचारी, गुदाभंजक, आदि इत्‍यादि ही लिख दीजिए। अरे हर चीज की सीमा होती है राय सा‍हब

Chandan Sharma कुमार सोविर जी कि बात में दम है पर सुबर्तो राय भी कम नहीं है।

Rajesh Rai Kumar sauvir ji आपदलित हो सकते है , पीडित नहीं ।

Kumar Sauvir Madan Tiwary: क्‍या खेल हो रहा है या नहीं, मैं नहीं जानता। और न तो आपको पता है और न आपके राजेश राय जी को। अरे, हर संस्‍था को मत मारिये। कम से कम यह तो देखिये कि यह आप जैसों के लोग कितने कमीनों के पक्ष आ जाएंगे

Kumar Sauvir Rajesh Rai : आप सीधे मुझे दलाल भी कह सकते हैं। क्‍योंकि मैं सेबी और सरकार, सुप्रीम कोर्ट की दलाली कर रहा हूं

Madan Tiwary Kumar Sauvir इतनी समझ तो मुझे है कि बता सकू कि सारा मामला किसी एक व्यक्ति के लिये किया गया है अन्यथा आज वह बीस हजार करोड जमा कर देगा कल बाहर । मैने लिखा है कौन है व्यक्ति ? सुब्रतो पर भ्रष्टाचार का या फ़्राड का कोई मुकदमा नही है । वह् जेल मे भी न्यायिक अवमानना के केस मे है ।

Rajesh Rai अरेभाई एक वकील कुछ कह रहा है , न्यायपालिका को उसने नजदीक से समझा है तो आप को उसकी बातें एकदम निराधार क्यों लग रही है । वैसे सुब्रत राय के पक्ष में मैं केवल इसलिए हूं कि उन्होने उ प्र के पिछड़े पूर्वांचल के लाखों लोगों को रोजी रोटी दी है । Kumar Sauvir ji

Kumar Sauvir Madan Tiwary# कमाल है यार। अरे मदन भाई दुनिया का सबसे बड़ा आर्थिक दुराचारी है सुब्रत राय और उसकी वकालत कर रहे हैं। बधाई है आपको।

Kumar Sauvir Rajesh Rai : फिर वही चूतियापंथी की बात कर रहे हैं आप राय साहब। आप मेरे सर्वाधिक अभिन्‍न मित्र हैं, कम से कम बात तो समझिये कि पूर्वांचल के लोगों को नौकरी किससे दिया है। जाहिर है इसी दुराचारी सुब्रत राय ने। यह तो वही बात होगी कि हम डाकू सुल्‍ताना की यशोगीत लिखने-पढ़ने और सुनाने लगकं

Rajesh Rai अच्छा सबसे बड़ा अार्थिक अपराधी यह है तो वह घोड़े वाला हसन अली क्या है ?

Kumar Sauvir Rajesh Rai : हा हा हा, यार राय साहब। आपसे गुजारिश है कि राय दीजिए, न कि राय बनिये

Samir Gupteshwar Singh आप से सहमत ,कम से कम यह ब्लैक मनी देश के लाखो लोगो के परिवार तो पाल रही अगर यह स्वीटजर लैंड चली जाती तो युरोपियन के काम आती सही बात तो यह है की इन ऊँचे पद पर बैठे लोगो के बच्चे इसी फेवर के कारण विदेशो में अच्छे पदों पर काम पा जाते है ।

Madan Tiwary Kumar Sauvir सर जी फ़िर आप समझिये। आर्थिक दुराचार का कोइ मुकदमा नही है । लगता है आपने उसके केस को समझा ही नही है । पहले समझ लिजिये । उसने आईपीओ निकाला था जिसमे इस पैसे का जिक्र किया था कि इसके पास पहले से निवेश है। जिसे सेबी निवेशको को वापस करने के लिये कह रही है । मात्र पैसा वापस करने की बात है।

Kumar Sauvir Rajesh Rai : सुब्रत अगर मादर– है तो इसका मतलब यह नहीं कि बाकी ऐसे लोग मादर— नहीं हैं

Rajesh Rai लगता है आज भौजाई ने दरवाजा नहीं खोला , वहां की खीझ यहां निकाल रहे हो ।kumar sauvir

Kumar Sauvir Madan Tiwary :तो अब आप ही फैसला कर दीजिए ना। बता दीजिए कि सुब्रत राय के बजाय सारे सुप्रीम कोर्ट के जज है वे बेइमान हैं।

Madan Tiwary हहहाह्हाहाहाहाहा । Rajesh Rai Kumar Sauvir haahaahaa

Rajesh Rai अच्छा अब सो जाओ देर हो गयी ।

Kumar Sauvir Rajesh Rai : यह वक्‍त दरवाजा खोलने का नहीं, नाड़ा खोलने का होता है… मैंने तो अभी तक नाड़ा तक नहीं खोलना शुरू किया और आपने सोने की बात शुरू कर दी

Sandeep Verma सुब्रतो राय जैसे आदमी ने हर कानून का मखौल बनाया है. कोर्ट में शुरू में ही इसने कहा था हम एक एक पाई वापस कर देंगे ,मगर जब मौक़ा आया तो बोला कोई देनदारी ही नहीं है . और अब जब पूछा जा रहा है यदि पैसे वापस किये है तो उस पैसे की कोई बैंक स्टेटमेंट तो दिखाए ,,मगर वह तो थी ही नहीं . यह आदमी पोंजी स्कीम में फस चूका है . देखना है सुप्रीम कोर्ट कैसे इससे निपटती है .

Madan Tiwary Kumar Sauvir आप पैंट नही पाजामा पहनते है ? कहीं पेटीकोट तो नहीं ? उसमे भी नाड़ा होता है? हाहाहाहाहाहाहाहाहा

Madan Tiwary Sandeep Verma amount collected is invested in real estate and no investor want to withdraw money. ten thousand has become five lac . who will take back money ? keep yourself at that place . will you take back ten thousand or will wait ?
 
Kumar Sauvir Madan Tiwary: मैं दोराहे वाला दो-आम आदमी हूं। हा हा हा

Sandeep Verma पंडित जी ,इतनी लम्बी तो सहारा श्री ने भी नहीं हाकी है .

Kumar Sauvir रूकिये दोस्‍तों। वह खबर मुझे मिल गयी है। बस उसे स्‍कैन करवाने का जुगाड़ कर रहा हूं। फिर आपको बताऊंगा कि सुब्रत का इलाज कोर्ट नहीं, केवल जूता ही है.. सिर्फ जूता ही है सुब्रत राय की बीमारी का इलाज

Madan Tiwary Kumar Sauvir आप अब सोने की कोशिश किजिये । हाहाहा । कल सुबह तक बहस स्थगित की जाती है ।

Kumar Sauvir Madan Tiwary : जी, अब आप समझे असली मर्ज। सवाल यही है कि यह रकम सुब्रत कैसे और किसके हवाले करता। सेबी ने इसका हल खोज लिया। हराम का पैसा है तो सरकारी सेबी को सौंपो। वे देखेगा। कोई दावेदार नहीं मिला, तो सरकारी खजाने में जमा रहेंगा। कम से कम सुब्रत या सहारा के खजाने में नहीं

Kumar Sauvir नहीं, अभी बताइये ना। बोलिए ना। मैं जाग रहा हूं और अभी होश में ही हूं

Kumar Sauvir Madan Tiwary : मैं तो सुब्रत राय जैसे लोगों से निपटने के लिए घाघरा या पेटीकोट पहनना ही पसंद करता हूं। कम से कम झट मंगनी, पट हनीमून तो हो जाता है। हा हा हा हा। क्‍या समझे गयावालेपंडीजी

Kumar Sauvir Madan Tiwary : चकाचक बनारसी की इष्‍टैल में धर-पेल। हा हा हा

Ajay Surjan Madanji , if tomorrow I kill someone and no one lodges a police complaint , does that mean I am innocent ? Such argument are not expected from you … All of us know that subrot Roy and Sahara is a big fraud .. second , all if us know that collection of money from public showing some scheme is illegal .. Even then Sahara did it bcos of his political clout .. Let us not stamp that all the sr judges in Supreme Court are anti Sahara

Madan Tiwary Ajay Surjan first differentiate between a criminal act and financial offence. investors are not willing to take refund whom you will refund money ? moreover what is justification to keeping him behind bar except to satisfy ego of lordship ? if the act was illegal there should be some punishment ? under what act he is charged ? simply he has been asked to refund the money mean some irregularity and you can not compare irregularity with illegality. an irregular act may be regularize but illegal act cant be legalized .

Kumar Sauvir Madan Tiwary: मजाक मत बनाइये गयावालेपंडी जी… कोई पैसा का दावा नहीं कर रहा है तो इसका मतलब यह नहीं कि किसी को पैसों की जरूरत नहीं। दरअसल, हकीकत यह है कि निवेशक कोई है ही नहीं। इसीलिए कोई दावा कर ही नहीं रहा है। दैटस आल

Sanjaya Kumar Singh Kumar Sauvir jee मान लिया कोई निवेशक नहीं है। तब तो सहारा के पास जो पैसा है, सहारा का है। फिर सेबी को क्यों लौटाया जाए? मान लीजिए मेरे परदादा के पास कोई बक्सा रख गया था उसे मैंने आज खोला उसमें सोना निकला। मुझे नहीं पता कौन रख गया था। दादा जी रहे नहीं। तो सरकार को दे दूं। यहां सहारा के जिस अफसर ने लिया होगा वो नहीं है। जिसका है उसे सामने लाओ, सबूत दो – पैसा मिल जाएगा। नहीं तो जिसके पास है उसके पास है। मेरे में मामला डिक्लरेशन का फंसता है, पर सहारा में तो वो भी नहीं है उसने घोषित कर रखा है। उस समय पैसे जमा कराने वाले ने जो बताया था। वो गलत है तो सहारा क्या करे। जिसका है मांगने आएगा तो उसे पैसे मिल जाएं यही सरकार या सेबी की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

Alok Singhai सुब्रत राय के मुंह पर कालिख पुतवाने वालों को मालूम ही नहीं पड़ रहा है कि रुपये पैसे की समझ रखने वाले कारोबारी उनसे किस कदर खफा हो गए हैं।

Sanjaya Kumar Singh एक बात और, सवाल 22000 करोड़ रुपए का है। सहारा अगर कह दे कि नहीं दे सकते (और अदालत ने यही कहा है कि लौटाने का ठोस प्लान चाहिए) तो अदालत क्या कर सकती है। जेल में तो है बंदा। इज्जत नीलाम करने की कोशिश तो हो गई। अब उसकी किडनी बेचोगे या दिल। मैं Madan Tiwary जी से जानना चाहता हूं। कानून क्या कर सकता है। अगर कोई किसी से पैसे लेकर कह दे उसके पास है ही नहीं (वाकई न हों तो)। सजा क्या है।

Chandan Sharma Here subrto Roy is free in the sense of legality due to supreme court blind nd fake case.as far as the seen arising here is only legal way of submitting the investors money which is based on false truth and made an unauthorized meanwhile supreme court judgement has been ultravirus in the sense of dictate the meaning of sebi.

Kumar Sauvir Sanjaya Kumar Singh: आप से इतनी बात समझने की जरूरत नहीं है संजय जी: आप समझदार हैं। सेबी के पास के बजाय क्‍या सहारा ही पास ही यह पैसा छोड दिया जाए। कम्‍म्‍म्‍म्‍म्‍माल की बात करते है आप।

Kumar Sauvir Alok Singh : कौन कारोबारी। पहले यह तो समझ लीजिए म्‍यां

Sanjaya Kumar Singh मैं ये मानकर चल रहा हूं कि सहारा का ही है। काला सफेद जो भी हो। नहीं तो निवेशक सामने आएगा। कुमार सौवीर जी, भावना में बात मत कीजिए, तर्क से। ये मानते हुए कि सहारा मैं हूं।

Kumar Sauvir Sanjaya Kumar Singh: इतनी समझ तो आपके पास है ही कि सुब्रत षडयंत्री है। उसके पास रखी रकम तो हराम की है ना। फिर उसकी रकम तो सरकार के पास ही हो चाहिए।

Sanjaya Kumar Singh बैंकों में नो योर कस्टमर का नियम हाल का है, बैंकों के पास लाखों-करोड़ो रुपए नहीं है जो लेने वाला नहीं आया, मर गया, सबूत नहीं पेश कर पाया। सब सेबी क्यों न ले ले। सरकार ऐसा कोई कानून बना दे तो अलग बात है। अभी कैसे।

Sanjaya Kumar Singh नहीं, वो अलग मुद्दा है। मेरा मानना है कि इस देश में कानून पर चलते हुए, पूरा आयकर चुकाते हुए कोई पैसे नहीं बचा सकता। वो अलग बहस का मुद्दा है।

Kumar Sauvir Sanjaya Kumar Singh* आपसे गुजारिश है कि पूरा मामला समझने के लिए इसी प्रकरण पर इसी वाल की बाकी मेरी पोस्‍ट को देख लीजिएगा… आप मूल मुद्दा छोडकर, अलग मुद्दा खडा कर रहे हैं

Sanjaya Kumar Singh ठीक है। मैं देख रहा हूं। पर मोटी बात – आप तर्क से नहीं कह रहे हैं। सिद्धांततः आपकी बात से सहमत हुआ जा सकता है पर …

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