निशांत से बातचीत में बोलीं वृंदा करात- कोलकाता और केंद्र में ज्यादा फासला नहीं

न्यूज एक्सप्रेस चैनल पर ''ये हुई ना बात'' कार्यक्रम में चैनल हेड निशांत चतुर्वेदी ने सीपीएम नेता और सांसद बृंदा करात से कई मुद्दों पर विस्तार से बातचीत की. वृंदा करात पहली महिला मेंबर हैं सीपीएम पोलित ब्यूरो की. निशांत ने जब वृंदा करात से पूछा कि आपकी पार्टी सीपीएम का अगला लक्ष्य क्या है, केंद्र या कोलकाता? तो वृंदा ने जवाब दिया- ''कोलकाता और केंद्र में ज्यादा फासला नहीं है.. हमारी पार्टी का मेन लक्ष्य है कि हम कैसे जो संर्घष चला रहे हैं उसे और तेज करके समाज के परिवर्तन को हम कैसे आगे बढ़ाएं.''

आपकी पार्टी का बड़ा दुश्मन कौन है, कांग्रेस या तृणमूल कांग्रेस? इस सवाल के जवाब में बृंदा बोलीं- ''देखिए हमारे दुश्मन वो हैं जो लोगों का शोषण करते हैं… जो ये पूंजीवादी ढांचा है… उनका जो प्रतिनिधनित्व करते हैं और वो उन्हीं का साथ देते हैं, उनको हम दुश्मन के रूप में नहीं देखते हैं लेकिन निश्चित रूप से वो हमारे विरोधी हैं''

दिल्ली में पिछले दिनों गैंगरेप कांड के बाद छात्राओं और युवाओं के सड़क पर उतरने की अभूतपूर्व परिघटना के बारे में वृंदा करात कहती हैं- ''सेक्सुअल हैरेसमेंट का मुद्दा काफी फैल गया है… हर लड़की सोच रही है कि वो पीड़ित लड़की मैं ही थी …वो लड़की कर क्या रही थी… यही न कि उसने एक दोस्त के साथ फिल्म देखी और इसके बाद वो घर जा रही थी …ये एक सामान्य बात है… उसके बाद उसके साथ घृणित सलूक किया गया… तो ये जो एक कॉमन अनुभव है उसने लोगों को बांधा कि ये और नहीं हो सकता… हमें न्याय  चाहिए … और फिर उस लड़की का जो साहस दिखा… उसकी बहादुरी कि जिस तरह से वो जीने के लिए लड़ रही थी…मेरे ख्याल से पूरे हिंदुस्तान का दिल धड़का..''

वृंदा करात ने सिस्टम पर सवाल उठाया- लिखित गाइड लाइंस है कि कोई भी बस जिसमें टिन्टेड ग्लासेज हैं नहीं चलेगी…गाइडलाइंस फॉलो नहीं हो रही हैं…किसी की जवाबदेही नहीं है… इसीलिए लोग और गुस्से में थे क्योंकि हम सब जानते थे कि सरकार और पुलिस ने अपने दायित्व को पूरा किया होता तो ये बच्ची बच सकती थी…

पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी के सवाल पर वृंदा का कहना था- उनको पद से हटा देना चाहिए.

एक अन्य सवाल के जवाब में वृंदा करात का कहना था-  उस लड़की  को एक बार नहीं… दो बार नहीं… तीन बार बयान देना पड़ा… हमलोग कहते हैं कि बलात्कार की शिकार जो लड़की है…पूरे देश देख रहा है… लेकिन  आपके झगड़े के कारण… एक बार  लड़की ने पुलिस की दी… उसके बाद एसडीएम को दिया… फिर  उसके बाद डीएम को दिया… और हमलोग कहते हैं कि हम बहुत संवेदनशील हैं… कोई भी लड़की.. कोई भी चीज़ हमारे  साथ होती है… हमें उसको दोबारा बोलने के लिए.. हमें कितनी  साहस की ज़रूरत है… क्योंकि  बार बार उस चीज़ को सोचना.. उस लड़की में इतनी हिम्मत थी… इतनी साहस.. कि आज पूरा देश  उसको सलाम करता है… लेकिन  प्रशासन के लोग… चीफ मिनिस्टर, पुलिस कमिश्नर.. थोड़ा तो सोचना चाहिए… कि हमारे  झगड़े से हम इस बच्ची को और कोई यातना तो नहीं दे रहे हैं… मैं नहीं कह रही  हूं.. कि उसके कान उसकी सांस पर ऐसा कुछ असर… लेकिन  मैं सिर्फ ये सवाल कर रही  हूं…

पूरी बातचीत को आप आज 6 जनवरी रविवार को शाम साढ़े पांच बजे और रात साढ़े नौ बजे न्यूज एक्सप्रेस चैनल पर देख सकते हैं.

प्रेस विज्ञप्ति

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