नीरा राडिया की फर्मों पर चल सकता है मुकदमा

नई दिल्ली : गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह कंपनी कानून के कथित उल्लंघन के लिए वैष्णवी समूह की विभिन्न कंपनियों पर मुकदमा करने की तैयारी में है। वैष्णवी समूह, विवादास्पद पूर्व कारपोरेट लाबिस्ट नीरा राडिया का समूह है।

उच्चतम न्यायालय में दाखिल हलफनामे में एसएफआईओ ने कहा कि कंपनी मामलों के मंत्रालय ने इन कंपनियों के खिलाफ मुकदमा करने की मंजूरी दे दी है और मुकदमा दायर करने की प्रक्रिया चल रही है। कंपनी मामलों के मंत्रालय के अधीन काम करने वाले एसएफआईओ पर सफेदपोश अपराध व धोखाधड़ी की जांच करने का दायित्व है।

हलफनामे में वैष्णवी समूह की कंपनियों द्वारा कंपनी कानून के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन का विवरण देते हुए कहा गया है, मंत्रालय द्वारा वैष्णवी समूह की कंपनियों के खिलाफ मुकदमा करने की मंजूरी दे दी गई है और मुकदमा दायर करने की प्रक्रिया चल रही है। एसएफआईओ ने न्यायालय को यह भी सूचित किया कि उसने वैष्णवी कारपोरेट कम्युनिकेशंस और उसकी आठ कंपनियों के खिलाफ जांच पूरी कर ली है और अंतिम जांच रिपोर्ट मंत्रालय को 22 जनवरी को सौंप दी गई। एजेंसी ने कहा कि कंपनी मामलों के मंत्रालय ने 5 फरवरी को जारी निर्देश में जांच के आधार पर कंपनी अधिनियम के तहत बन रहे आरोपों के आधार पर इस मामले में मुकदमा दायर करने को कहा। मंत्रालय के निर्देश पर पर उसने रिपोर्ट की प्रतियां सीबीआई और आयकर विभाग को भी भेज दी हैं। एसएफआईओ ने वैष्णवी कापरेरेट कम्यूनिकेशन्स के आलवा समूह की कुछ अन्य कंपनियों की भी जांच की है। इनमें वैष्णवी एडवाइजरी सर्विसेज, लेजर क्लब इंडिरूा, कालरे कंसल्टेंसी, मैजिक एयरलाइन, क्राउनमार्ट इंटरनेशनल इंयिा, मानसी एग्रो, विटकाम कंसल्टेंसी और नीयूकाम कन्सल्टिंग शामिल हैं। (एजेंसी)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *