लखनऊ : शहरी और ग्रामीण पत्रकारों का मिला जुला प्रयास, भारत का अपनी तरह का पहला ग्रामीण अख़बार "गाँव कनेक्शन" दिसंबर से उत्तर प्रदेश में प्रकाशन प्रारंभ करेगा और इसका संचालन आम लोग करेंगे, न कि कोई उद्योगपति समूह. ''गाँव कनेक्शन'' बारह पन्ने का साप्ताहिक ब्रौडशीट अख़बार होगा जो लखनऊ में छपेगा. इसकी कीमत पांच रुपये होगी. यह एक कंपनी द्वारा बिना फायदे के व्यवसाय की तरह चलाया जाएगा और अगर मुनाफा होगा तो उसे कंपनी के डायरेक्टर नहीं स्वीकार करेंगे, बल्कि वापस गाँव कनेक्शन की बढ़ोत्तरी में उसका प्रयोग करेंगे. उत्तर प्रदेश में एक वर्ष तक प्रकाशन के बाद ही इसे किसी और हिंदी भाषी राज्य में ले जाया जाएगा. भविष्य में इसे अन्य भाषाओँ में भी छापने की योजना है.
अख़बार के सह-संस्थापक और सम्पादकीय निदेशक नीलेश मिश्र ने बताया- "गाँव कनेक्शन का जन्म इस ज़िद के साथ हुआ है कि भारत के आम नागरिक भी अपना समाचार पत्र चला सकते हैं — एक ऐसा समाचार पत्र जिसमें पत्रकारिता के साथ समझौता न हो, और जो उस सत्तर प्रतिशत भारत की अच्छी-बुरी बातें बताये जो अधिकतर अख़बार के पन्नों में देखने को नहीं मिलतीं," नीलेश हिंदुस्तान टाइम्स के भूतपूर्व डिप्युटी एक्सिक्यूटिव एडिटर हैं, जो रेडियो पर `याद शहर' नाम के एक काल्पनिक शहर की कहानियां सुनाने के अलावा हिंदी फिल्मों में पटकथा व गीत, और पुस्तकें लिखते हैं. नीलेश मिश्रा पत्रकारिता में रामनाथ गोयनका अवार्ड और कुलिश अवार्ड समेत कई पुरस्कार पा चुके हैं. उत्तर प्रदेश के हर ज़िले में आजकल गाँव कनेक्शन की टीम यात्राकर स्ट्रिंगर (पार्ट टाइम पत्रकार) और "कनेक्शन सेंटर" नाम से वितरकों को जोड़ रही है. इच्छुक साथी [email protected] या 09335519100 पर संपर्क कर सकते हैं. इन स्ट्रिंगर्स को प्रशिक्षण और फिर प्रमाण पत्र दिया जायेगा.
प्रेस विज्ञप्ति





