आखिर न्यूज़ टुडे इंदौर ने वह कर दिखाया जो बड़े-बड़े दिग्गज नहीं कर सके। पत्रिका समूह के इस सांध्य दैनिक ने इंदौर के इतिहास में एक मील का पत्थर स्थापित कर दिया है। किसी शहर का स्थापना दिवस अपने आप में एक महत्वपूर्ण तारीख होती है, ठीक उसी तरह जैसे किसी का जन्मदिन। हैरानी की बात है कि आज तक इंदौर इस गरिमामय तारीख से महरूम था। इंदौर में बरसों से पत्रकारिता कर रहे दिग्गज अखबारों ने भी कभी इस पर ध्यान नहीं दिया कि आखिर इंदौर का स्थापना दिवस कब है?
इस बीच न्यूज़ टुडे ने तमाम शोध और विशेषज्ञों से राय लेकर 18 फरवरी को इंदौर की स्थापना दिवस की कैंपेन लांच की। लगातार दो महीने तक न्यूज़ टुडे ने लगातार कैंपेन चलाई। इसमें ऐतिहासिक दस्तावेजों के संदर्भों का हवाला दिया गया। साथ ही इंदौर की तमाम उपलब्धियों का भी जिक्र किया गया। इसके अलावा शहर की नामी हस्तियों की राय भी इस बात पर ली गई कि इंदौर का स्थापना दिवस कब मनाया जाए। इस सारी मुहिम का सार्थक नतीजा निकला जब न्यूज़ टुडे के सर्वे में करीब 50 हजार लोगों ने 18 मई को इंदौर की स्थापना दिवस मनाने पर मुहर लगाई। इसके बाद 16 अप्रैल को इंदौर नगर निगम परिषद ने प्रस्ताव लाकर 18 मई को इंदौर की स्थापना दिवस मनाने पर मुहर लगा दी। इसके बाद से शहरवासियों में जश्न का माहौल है। लगातार इस बात पर चर्चा चल रही है कि 18 मई को इंदौर पर्व किस तरह मनाया जाए कि यह यादगार हो जाए। न्यूज़ टुडे की इस मुहिम को ऐतिहासिक माना जा रहा है।
एक पत्रकार द्वारा भेजा गए पत्र पर आधारित.





