: नहीं मिली है अक्टूबर माह की सेलरी : नोएडा के सेक्टर 15 से चल रहा न्यूज आपतक के कार्यालय में ताला लटक गया है. चैनल इसी साल 20 जुलाई को लांच किया गया था. लगभग डेढ़ दर्जन कर्मचारियों को सेलरी दिए बिना प्रबंधन ने चैनल पर चुपचाप ताला लटका दिया है. सभी वरिष्ठों के मोबाइल बंद हैं. खबर दिए जाने तक कर्मचारी चैनल के ऑफिस के सामने जमे हुए हैं. इन लोगों को डर है कि कहीं रात में भी प्रबंधन के लोग चैनल के ऑफिस में रखे सामान न उठा ले जाए. कर्मचारियों ने कल मुकदमा करने का मन बनाया हुआ है.
किराए पर चलने वाले इस चैनल को लेकर शुरू से ही तरह तरह की चर्चाएं थीं, अब वे चर्चाएं सही साबित हुई हैं. बताया जा रहा है कि चैनल को हुड्डा सकार में विधानसभा कार्य मंत्री जिलेब खान का पीएस जेम्स रायल संचालित कर रहा था. इसको इंडिया सन साइन, गुडगांव से ब्राडकास्ट किया जा रहा था. चैनल को लाइसेंस नहीं मिला था बल्कि इसे हॉरिजन न्यूज के लाइसेंस पर चलाया जा रहा था. इसके लिए हर माह पांच लाख रुपये दिए जा रहे थे.
खबर है कि इस चैनल में जिलेब खान का पैसा लगा है, जिसे उनका पीएस देख रहा था. इसमें सबसे खास बात यह है कि पीएस का असली नाम जेम्स रायल नहीं बल्कि जगजीत है. चैनल खोलने से पहले पीएस जेम्स ने रॉयल मीडिया विजन नाम से कंपनी बनाई थी. खुद को कंपनी का चीफ एडवाइजर और अपनी पत्नी को डाइरेक्टर बनाया. इस कंपनी और चैनल का कुछ काम इसका भाई देखता है. इतना ही नहीं रॉयल मीडिया विजन बनाने से पहले जेम्स ने सिर्फ अपना ही नाम नहीं बदला बल्कि अपनी पत्नी का नाम भी बदल डाला. उसने अपनी पत्नी का नाम इरानी रायल रख लिया. बताया जा रहा है कि इसके बाद ही पीए ने चैलन लांच करने की योजना बनाई. और किराये पर लाइसेंस लेकर चैनल लांच कर दिया गया.
जेम्स ने चैनल लांच होने मंत्री को आश्वासन दिया था कि चैनल लांच होते ही पैसा आना शुरू हो जाएगा, लेकिन चैनल तो लांच हो गया पर पैसा आने की बात तो दूर इसे केबल और डीटीएच पर चलवाने की बात आई तो बजट करोड़ों में पहुंच गया. तब मंत्री ने पैसा लगाने से मना कर दिया था. तभी से इसके बंद होने के कयास लगाए जा रहे थे. कुछ कर्मचारी पहले ही दूसरे ठिकाने तलाश चुके थे. पन्द्रह से बीस लोग बचे रह गए थे. चैनल का प्रभार अभय सिंह देख रहे थे, जो सुदर्शन न्यूज से आए हैं.
प्रबंधन ने बिना किसी पूर्व सूचना के कल आफिस में ताला लगा दिया. कर्मचारियों का अक्टूबर माह का वेतन भी नहीं दिया गया है. कर्मचारी आफिस पहुंचे तो ताला देखकर सन्न रह गए. सभी कर्मचारी चैनल के सामने धरने पर बैठकर वरिष्ठ लोगों से संपर्क करने की कोशिश की परन्तु सभी के फोन स्वीच आफ मिले. कुछ पत्रकारों ने बताया कि हमलोग शुक्रवार को इस चैनल के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस के पास जाएंगे तथा सील करवाने की कोशिश करेंगे ताकि हमलोगों की सेलरी मिल सके. इस संदर्भ में चैनल के मालिक बताए जा रहे जेम्स रॉयल से संपर्क करने की कोशिश की गई परन्तु बात नहीं हो सकी.






