न्‍यूज एक्‍सप्रेस ने दिखाया शिक्षा माफिया का भयावह चेहरा, छह सलाखों के पीछे

देश के सर्वश्रेष्ठ 10 हिंदी चैनलों में से एक न्यूज़ एक्सप्रेस टीवी चैनल ने 29 अप्रैल को देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियंरिंग प्रवेश परीक्षा AIEEE में धांधली का खुलासा किया… टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में खुलासा हुआ कि कैसे संगठित गिरोह लाखों रुपये वसूलकर होनहार छात्रों का हक मारते हैं और फर्जी स्टूडेंट बैठा कर ऐसे लोगों को दाखिला दिला देते हैं जो इसके हकदार नहीं। न्‍यूज एक्‍सप्रेस की पहल पर यूपी एसटीएफ ने आगरा में छापा मारा और दूसरों की जगह परीक्षा दे रहे चार फर्जी छात्रों को गिरफ्तार किया। इन फर्जी छात्रों से ये गलत काम करानेवाले दो मास्टर माइंड भी गिरफ्तार किए गए।

एसटीएफ के मुताबिक ये गिरोह कई राज्यों में सक्रिय हैं… और आगे कई और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं… बिहार के दानापुर में इसी तरह के मामले में दो लोग गिरफ्तार भी किए गए हैं… इस भंडाफोड़ के बाद सीबीएसई चेयरमैन विनीत जोशी ने पूरे मामले की जांच की बात कही है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है… सीबीएसई ने आगरा के अपने सभी सेंटर्स के सुपरिंटेंडेंट को तलब भी किया है… एआईट्रिपलई, यानि आल इंडिया इंजीनयरिंग एंट्रेस एग्जामिनेशन… हर साल लाखों बच्चे इसकी तैयारी करते हैं, क्योंकि एक बार एआईट्रिपलई में अच्छी रैंक आ गई तो ज़िंदगी में अच्छे करियर की गारंटी मिल जाती है,  इंजीनियर बनकर घरवालों का नाम रोशन करते हैं साइंस साइट के स्टूडेंट, लेकिन चेहरे के चक्रव्यूह में उलझ कर रह गया है, ऐसे होनहार छात्रों का भविष्य।

चेहरे के सौदागरों के तिलिस्म में फंस जाते हैं आपके होनहारों के सपने, वो दिन-रात मेहनत करते हैं, लेकिन ये दिन-रात नोट कमाते हैं, यानि चेहरे पर चेहरा चढ़ाकर कमा लेते हैं लाखों, सफलता की ऐसी सूरत बना देते हैं, जिसके लिए न तो मेहनत की जरुरत और न ही किताबों की, हां बस चाहिए तो पैसा, हाल ये है कि हर साल तकरीबन 10 लाख छात्रों के लिए परीक्षा का आयोजन करने वाला सीबीएसई भी इस गोऱखधंधे को नहीं पकड़ पाता… लेकिन ये चेहरे अब बेनकाब हो चुके हैं, इनके चक्रव्यूह को तोड़ा न्य़ूज़ एक्सप्रेस ने… चैनल सामने लाया हैं, चेहरों के उस चक्कर को, जिसमें पैसे की ताकत के दम पर भविष्य बनाने का दावा किया जा रहा है, इस खुलासे की परत दर परत जब चैनल ने पड़ताल की तो सामने आया, एआईट्रिपलई में पास कराने के ठेके का सच।

चार काल्पनिक छात्रों को पास कराने के लिए एजेंट से बात हुई, और एजेंट ने बैठा दिए चार फर्जी स्टूडेंट…. यानी एग्जाम में प्रवेश पत्र किसी औऱ का, और एग्जाम देने पहुंचा कोई और… इसके लिए लिया गया टेक्नोलॉजी का सहारा, फोटोशॉप की मदद से असली और नकली चेहेरे को मिलाकर बनाया गया एक मिलावटी चेहरा, यानि ऐसा चेहरा, जिसमें स्टूडेंट और उसकी जगह परीक्षा में बैठने वाले एजेंट के सॉल्वर की झलक थी.., यानि धंधेबाजों ने ऐसी तरकीब निकाल ली, जिससे असली के चेहरे का आधा सच ही सामने आ पाता है, और वो भी आधे चेहरे में गुम हो जाता है… न तो परीक्षक और न ही प्रवेश पत्र जारी करने वाली सीबीएससी की टीम इस घालमेल को पकड़ पाती है,  लेकिन ये शातिर चाल न्यूज़ एक्सप्रेस के कैमरे से नहीं बच पाई, सारी हकीकत खुफिया कैमरे कैद हो गई…, और हो गया भांडाफोड़, चेहरे के चक्रव्यूह का।

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