लखनऊ से दो खबरें हैं. पहले साधना मीडिया से हटाए गए पंकज वर्मा को अब साधना ग्रुप से भी हटा दिया गया है. पंकज पर कई तरह के आरोप लगे हुए थे. एक अन्य जानकारी के मुताबिक लखनऊ से लोकमत अखबार निकाल रहे संपादक उत्कर्ष सिन्हा ने प्रबंधन को अपना इस्तीफा सौंप दिया है. लोकमत के लखनऊ एडिशन के मालिक आनंदवर्द्धन सिंह हैं जो महाराजगंज के सांसद हर्षवर्धन सिंह के भाई हैं. आनंदवर्द्धन एनजीओ वगैरह चलाते हैं. उत्कर्ष सिन्हा के इस्तीफ के साथ ही कई और के इस्तीफे की भी खबर है. डीएनई रेखा तनवीर ने भी लोकमत को बाय बाय बोल दिया है. फैजाबाद के मुकेश श्रीवास्तव ने भी छोड़ दिया है.
सूत्र बताते हैं कि कई लोग लोकमत को अब अलविदा कह सकते हैं. उत्कर्ष के नेतृत्व में इस टीम ने लोकमत की लखनऊ में लांचिंग कराई थी. पर लोकमत की फ्रेंचाइजी लेने वाले आनंदवर्द्धन की हरकतों के कारण लांचिंग टीम अब बिखरने लगी है. सूत्रों के मुताबिक आनंदवर्द्धन अपने ब्यूरो चीफ को सरकुलेशन बढ़ाने को बोलते हैं. अखबार को लेकर ज्ञान का अभाव और पैसे देने में कंजूसी, विज्ञापन लाने के लिए पुरजोर दबाव आदि ऐसी चीजें रहीं जिनके कारण उत्कर्ष ने इस्तीफा देना उचित समझा. चर्चा है कि साधना से निकाले गए और कई तरह के आरोपों को झेल रहे पंकज वर्मा ने लोकमत, लखनऊ का संपादक पद पाने के लिए सूत्रधार मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर आनंदवर्द्धन को सब्जबाग दिखाना शुरू कर दिया है.





