‘पंजाब केसरी’ को टक्कर देने के लिए आ गया ‘दैनिक सवेरा’

पंजाब में हिंदी का एक नया अखबार 'दैनिक सवेरा' के नाम से बाज़ार में उतरा है. अभी राज्य के ३ बड़े शहरों में उपलब्ध यह अखबार अपने लेआउट और ख़बरों के डिस्प्ले के मामले में पूरी तरह 'पंजाब केसरी' जैसा ही है. वही रंग रूप और बिलकुल वैसे ही दिखने वाले पन्ने. हालत ऐसी है कि अगर कहीं दोनों को एक साथ रख कर देखें तो पहली नज़र में पता ही नहीं चलता कि सवेरा कौन सा है और केसरी कौन सा. बताते हैं कि यह अखबार (सवेरा) पंजाब केसरी को टक्कर देने के लिए ही निकाला गया है. इसके मुख्य संपादक और मालिक शीतल विज हैं जिनको पंजाब केसरी से अपने घोर विरोध के लिए जाना जाता है. इस तरह से अब पंजाब में लोगों को पंजाब केसरी का एक ऐसा विकल्प मिलने जा रहा है जो उनकी हर उस खबर को छापेगा जो पहले सिर्फ पंजाब केसरी ही छपता था.

जानकारों का मानना है कि इससे उन सभी को राहत भी मिलेगी जिन्हें पहले पंजाब केसरी वाले अपने किन्ही कारणों से छपने से मना कर देते थे. खुद सवेरा वाले भी अपने पत्रकारों को यही कह रहे हैं कि अपनी टक्कर सिर्फ पंजाब केसरी से है. जालंधर से छपने वाले इस अखबार के जिलों में विस्तार की भी तैयारी की जा रही है. जालंधर के पड़ोस में ही होशियारपुर शहर में सोमवार को दैनिक सवेरा के पत्रकारों की एक मीटिंग बुलाई गयी. जिसमें सभी पत्रकारों को अख़बार के जल्दी ही आने वाले पुलआउट के लिए ज्यादा से ज्यादा ख़बरें भेजने के लिए कहा गया. बताते हैं कि सभी को सवेरा ऑफिस की एक ई-मेल देकर उसी पर ख़बरें भेजने को कहा गया है. साथ ही विज्ञापन जुटाने के लिए भी कहा गया.

दिलचस्प बात यह कि मीटिंग थी तो सवेरा के पत्रकारों की लेकिन इसे रखा गया था धर्मशाला से छपने वाले दिव्य हिमाचल अखबार के दफ्तर में. इसे लेकर भी चर्चा है कि दिव्य हिमाचल के होशियारपुर रिपोर्टर ही दैनिक सवेरा का भी काम देखेगा. यानी दोनों ही अखबारों का काम एक ही दफ्तर से होगा. अब यह अखबारों का आपसी तालमेल है या रिपोर्टर का अपना जुगाड़ यह तो वही जाने.  यह भी पता चला है कि सवेरा में दैनिक जागरण से विज्ञापन का बकाया चुकता न करने के कारण निकाले गए एक रिपोर्टर को भी महत्वपूर्ण पद पर शामिल किया गया है. इसके साथ ही सवेरा प्रबंधन अमर उजाला और दैनिक जागरण के पत्रकारों को भी अपनी टीम में शामिल करने के लिए कोशिश में बताया जाता है. दैनिक जागरण का एक और पूर्व पत्रकार, एक पंजाबी अखबार का पुराना पत्रकार और एक कम्पोज़िटर भी यहाँ सवेरा सँभालने की कोशिश में बताया जाता है.

इस तरह सवेरा के लिए कुछ लोग खुद लाइन लगाये हैं तो कुछ को खुद प्रबंधन लाना चाहता है. इसके चलते एक लम्बी लाइन लगी है और यह छींका किसके भाग में टूटेगा, यह जल्दी ही पता लग जायेगा. जिला इंचार्ज के फैसले के बाद ही यह भी तय होगा की गाँव देहात के स्टिंगरों में से कितने लोग सवेरा के साथ आते हैं. अभी तो सब चुपचाप बैठे इसी का इंतज़ार कर रहे हैं कि होशियारपुर में सवेरा की कमान किसके हाथ आती है. कपूरथला और फगवाडा में भी सवेरा तेजी से प्रसार कर रहा है. कपूरथला में तो ट्रिब्यून और दैनिक सहारा के लिए काम कर रहे रवि पाठक ही सवेरा के लिए भी काम करेंगे और फगवाड़ा में पहले अमर उजाला के लिए कई साल तक काम कर चुके आनंद को सवेरा टीम से जोड़े जाने की चर्चा है.  

अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *