Yashwant Singh : पंजाब केसरी का मालिक अश्विनी कुमार भाजपा के टिकट पर करनाल सीट से लोकसभा चुनाव लड़ रहा है. इस सीट से लड़ रहे सभी प्रत्याशियों में सबसे मोटा आसामी ये अश्विनी कुमार ही है. जो बताया है, ह्वाइट में, उसके मुताबिक साढ़े 38 करोड़ रुपये का आदमी है. दो बार इसे चुनाव आयोग की तरफ से नोटिस मिल चुका है… एक बार पेड न्यूज के लिए नोटिस मिला है.. अपने अखबार में अपनी ही जय जय छपवाकर फ्री में बंटवा रहा है… देखें- http://goo.gl/zFLxFI
कहीं किसी न्यूज चैनल पर इस मुद्दे को लेकर हो हल्ला नहीं मिलेगा क्योंकि भाजपा से पैसा खाए न्यूज चैनलों के लिए एक ही इस वक्त आसान शिकार है, वह है आम आदमी पार्टी, क्योंकि इस पार्टी ने कांग्रेस और भाजपा की तरह मीडिया को माल नहीं खिलाया है. इसीलिए घुमा फिरा कर सब केजरीवाल एंड कंपनी को ही पीट रहे हैं. पर जो वाकई बड़ी व खतरनाक घटनाएं हैं, उसे मीडिया वाले पूरी तरह से ब्लैकआउट कर रहे हैं.
भोपाल में एक भाजपा नेता पकड़ा गया है जो अपनी आईआरएस पत्नी के जरिए बड़े बड़ों से भारी भरकम रकम वसूल करता था. वह रकम वसूली कार्यक्रम का पूरा प्रोग्राम भाजपा दफ्तर में बैठकर बनाता था. इस भाजपा नेता की तस्वीर मोदी से लेकर शिवराज तक के साथ है. भाजपा वेबसाइट पर इसका नाम चुनाव लड़ाने वाले जिम्मेदार भाजपा नेताओं में शुमार है. पर इस पूरे प्रकरण को बड़ी खबर के रूप में आप कहीं नहीं पा सकेंगे. देखें- http://goo.gl/sqBSTG
इन हालात में एक बात तो मैं दावे से कह सकता हूं कि लोकसभा चुनाव के लिए पेड न्यूज (कारपोरेट मीडिया) और पेड व्यूज (सोशल मीडिया) पर जो हजारों करोड़ रुपये बड़ी पार्टियां खर्च कर रही हैं उसका असर ये हो रहा है कि अब वाकई जेनुइन खबरें दबा दी जा रही हैं और फर्जी खबरें हाइलाइट हो रही हैं. भाजपा-कांग्रेस से जुड़ी करप्शन की तात्कालिक बड़ी खबरें अब लोकसभा चुनाव तक कहीं नहीं चलेगी और न कोई इस पर बहस का कार्यक्रम होगा. घेर-घेर कर सभी केजरीवाल एंड कंपनी को राजनीति के लिए मिसफिट साबित करेंगे और इसी पार्टी से जुड़े छोटे मोटे मसलों को महान मसले बनाकर फ्लैश करेंगे.
तो, हजारों करोड़ रुपये से पटी पूरी मीडिया से परे अब सही समझ बनाने, विकसित करने के लिए आपको खुद अपने पर यकीन करना होगा और किसी भी खबर, विचार पर भरोसा नहीं करना होगा. जो लोग कार्पोरेट घरानों से पोषित हों और बात-बात पर दूसरों को अमेरिका या पाकिस्तान का एजेंट करार देकर असली मुद्दे को भटकाने में जुटे हों, उन लोगों व उनके प्रचार तंत्र से सजग रहना होगा. अपने दिल, दिमाग, समझ, चेतना का इस्तेमाल करते हुए साहसिक फैसला लेना होगा. राहुल और मोदी के चक्कर से निकलना बहुत जरूरी है. सपा और बसपा के करप्ट तंत्र से हटना बहुत जरूरी है. ऐसे में फिलहाल सबसे कम बेइमान, सबसे ज्यादा आदर्शवादी, सबसे ज्यादा योग्य, सबसे उचित विकल्प आम आदमी पार्टी है. आंख मूंदकर केजरीवाल जैसे बहुत बड़े भड़ासी, बहुत बड़े उंगलबाज, बहुत बड़े तूफानी को अपना सपोर्ट दीजिए और कार्पोरेट्स की गोद में बैठ चुकी भारतीय राजनीति को सच में आम जन तक खींच कर ले जाने में मदद कीजिए.
नोट- कांग्रेस और भाजपा के पेड एजेंटों ने यहां कमेंट में अगर केजरीवाल और 'आप' को गरियाया तो उनका गला घोंट दिया जाएगा, पटाक पटाक…
भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.





