पंद्रह साल का बालक तारबंदी पार कर पहुंचा पाकिस्तान

बाड़मेर : भारत पाकिस्तान के तनावपूर्ण रिश्तों के बाद देश की सरहद पर विशेष सतर्कता बरतने के दावों की पोल बाड़मेर जिले की पश्चिमी सरहद मुनाबाव में खुल गई। यहां से तीन रोज पूर्व पंद्रह वर्षीय बालक तारबंदी पार कर पाकिस्तान पहुंच गया। वह पाकिस्तान के खोखरापार स्थित चेता चौक पर पाकिस्तानी रेंजरो के हत्थे चढ़ गया। जम्मू कश्मीर में पाकिस्तान सेना द्वारा आये दिन सीज फायर के उल्लंघन की वारदातों के बीच केंद्र सरकार ने देश के पाकिस्तान और चीन की सरहदों पर तैनात सुरक्षा बलों को विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दिए थे।

इसकी पालना में सीमा सुरक्षा बल ने पश्चिमी राजस्थान के मुनाबाव सरहद सहित एक हज़ार किलोमीटर लम्बी तारबंदी कर विशेष सतर्कता बरतने और जवानों की नफरी व गश्त बढ़ने के दावे किये। लेकिन मुनाबाव सरहद से मध्य प्रदेश का पंद्रह वर्षीय बालक तारबंदी पार कर पाकिस्तान पहुंच गया, जो सुरक्षा बलों के दावों की पोल खोलता है।

सूत्रानुसार खोखरापार के चेता चौक में पाक रेंजरो के हत्थे चढ़े इस बालक ने बताया कि वह अपने माता के साथ हुए झगड़े के बाद घर से नाराज होकर निकल गया था। घूमते फिरते बाड़मेर सरहद पर पहुंचा जहां नीचे खाई खोद कर सरहद पार कर पाकिस्तान पहुँच गया। उसने पाकिस्तान पहुँचने से अनभिज्ञता जाहिर की।

बालक का नाम अर्जुनवीर पुत्र एस सूर्य प्रसाद है। वह गुणवाल हाउस, १६८ चन्द्र शेखर वार्ड, बालघाट जिला सियोनी मध्य प्रदेश का रहने वाला है। यह नाम पता उसने पाकिस्तानी रेंजरो को बताया है। आखिर एक बालक सरहद पार कैसे पहुंचा? कैसे वह तारबंदी तक गया और कैसे उसने तारबंदी के नीचे गड्डा खोदा, फिर बॉर्डर क्रास किया? सवाल आता है कि आखिर इस दौरान सीमा सुरक्षा बल के जवान क्या कर रहे थे?

बाड़मेर से चंदन सिंह भाटी की रिपोर्ट.

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