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पत्रकारों की गुटबाजी : उदयपुर कोर्ट ने निरस्‍त की प्‍लॉट आवंटन की पूरी प्रक्रिया

गत दिनों से उदयपुर विकास प्रन्यास की ओर से पत्रकारों को दिए गए प्लॉट की पूरी प्रक्रिया को उदयपुर कोर्ट की ओर से निरस्त कर दिया गया है। कोर्ट ने माना कि प्लॉट आवंटन में कई अनियमितताएं हुई हैं, ऐसे में यूआईटी नियमानुसार दोबारा प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया करे।

गत दिनों से उदयपुर विकास प्रन्यास की ओर से पत्रकारों को दिए गए प्लॉट की पूरी प्रक्रिया को उदयपुर कोर्ट की ओर से निरस्त कर दिया गया है। कोर्ट ने माना कि प्लॉट आवंटन में कई अनियमितताएं हुई हैं, ऐसे में यूआईटी नियमानुसार दोबारा प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया करे।

कोर्ट के इस आदेश ने उदयपुर में उन भ्रष्‍ट पत्रकारों की पोल खोल दी है, जिन्होंने पत्रकार प्लॉट में दलाली कर अयोग्य लोगों को भी प्लॉट आवंटित करवा दिए थे और रातों रात आवंटन पत्र जारी कराने के लिए नेताओं के फोन कराकर उदयपुर विकास प्रन्यास के अधिकारियों पर दबाव बनाया था।

मंगलवार को हुई पेशी के दौरान कोर्ट को जब रातोंरात आवंटन पत्र जारी होने की जानकारी मिली, तो न्यायाधीश ने भारी नाराजगी जताई। कोर्ट ने यूआईटी सचिव को तलब किया। कोर्ट ने जवाब मांगा कि जब मामले की कोर्ट में सुनवाई चल रही थी, तो रातों रात यूआईटी को आवंटन पत्र जारी करने की क्या जरूरत पड़ी।

इस पर यूआईटी सचिव ने जवाब दिया कि लेक सिटी प्रेस क्लब के कुछ पत्रकारों ने उनके साथ बदतमीजी की, नेताओं से फोन कराए और दबाव बनाया। ऐसे में मजबूरी में आकर उन्हें प्लॉट आवंटन पत्र जारी करने पड़े। इस पर कोर्ट ने सचिव से उन नेताओं और लेकसिटी प्रेस क्लब के पत्रकारों की सूची मांगी है, जिन्होंने दबाव डालकर आवंटन पत्र जारी कराए। न्यायाधीश ने इसे कोर्ट की अवमानना माना है। 

कोर्ट ने यूआईटी सचिव की लताड़ लगाते हुए कहा कि चयन बोर्ड में ऐसे व्यक्ति को कैसे शामिल कर लिया गया, जो खुद आवेदक था। लेक सिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष को चयन बोर्ड में शामिल किया गया था, जबकि वह स्वयं प्लॉट का आवेदक हैं। कोर्ट ने कहा कि आवेदक ही चयन बोर्ड में बैठेगा तो चयन प्रक्रिया कैसे निष्‍पक्ष हो सकती है। लेक सिटी प्रेस क्लब के अध्यक्ष, पूर्व अध्यक्ष और ईटीवी के पत्रकार मात्र इन तीन लोगों से चयन बोर्ड के गठन पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट ने अब तक हुई प्लॉट आवंटन की पूरी प्रक्रिया को निरस्त कर दिया। इसके अलावा निर्देश दिए कि यूआईटी नियमों की पालना के अनुसार ही प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया को करें।

गौरतलब है कि प्‍लॉट आवंटन को लेकर दैनिक भास्‍कर के दो पत्रकारों तथा अन्‍य पत्रकारों को एक दूसरे को देख लेने की धमकी दिए जाने की बात भी सामने आई थी। आपसी अदावत के चक्‍कर में पत्रकारों को प्‍लॉट का आवंटन अधर में लटक गया है।


प्‍लॉट आवंटन के मामले में ज्‍यादा जानकारी के लिए क्लिक करें – उदयपुर में प्‍लॉट आवंटन को लेकर पत्रकारों में घमासान

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