भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी द्वारा इंटरव्यू के दौरान जी न्यूज के पत्रकार सुमित अवस्थी को धमकी दिये जाने की घटना की इंडियन फेडरेशन आफ वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन (आईएफडब्ल्यूजे) के राष्ट्रीय सचिव कृष्णमोहन झा ने कड़ी निंदा की है। श्री झा ने कहा है कि मुरली मनोहर जोशी जैसे नेता खुद को लोकतंत्र का सजग प्रहरी बताते हुए मूल्यों और मुद्दों के संदर्भ में खुद के अग्रणी होने का दावा करते हैं लेकिन साक्षात्कार के दौरान पत्रकार को सरेआम धमकी देकर जोशी ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर जिस तरह आघात किया है उससे उनकी तानाशाही व अहंकरी प्रवृत्ति बेनकाब हो गई है।
श्री झा ने कहा है कि पत्रकार को बेवजह धमकी देने के बजाय यदि जोशी अपनी पार्टी में व्याप्त भारी अंतर्विरोध व गतिरोध को दूर करने व अपनी चुनावी संभावना को मजबूत बनाते तो यह उनके लिये हितकर होता लेकिन पत्रकार को धमकाकर जोशी ने लोकतंत्र में खुद व उनके जैसे नेताओं की गरिमा को खत्म करने का ही काम किया है। श्री झा का कहना है कि प्रभावी पत्रकारिता तो पत्रकारों का कर्मसिद्ध अधिकार है तथा राष्ट्र व सामाजिक सरोकारों के संदर्भ में अपने अपेक्षित कर्तव्यों के पालन में भी पत्रकार अग्रणी रहते हैंए ऐसे में उनकी कार्यपद्धति की दशा व दिशा निर्धारित करने का हक मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं को नहीं है।






