सीबीआई ने मध्य प्रदेश के पत्रकार चंद्रिका राय और उनके तीन परिजनों की दो साल पहले हुई हत्या के मामले में प्रकरण दर्ज किया. इस मामले में राज्य पुलिस ने मृतक के चालक के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था. राय, उनकी पत्नी दुर्गा, पुत्र जलज राय और बेटी निशा राय की 17-18 फरवरी, 2012 को हत्या कर दी गयी थी. स्थानीय पुलिस ने मृतक के चालक को गिरफ्तार कर लिया था और 26 मई, 2012 को उसके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था.
पत्रकार के रिश्तेदारों की याचिका पर कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सीबीआई को मामले में जांच संभालने का निर्देश दिया था और चालक के खिलाफ चल रहे मुकदमे पर रोक लगा दी. एजेंसी की प्रवक्ता कंचन प्रसाद ने यहां कहा, ‘‘राय के परिवार के सदस्यों ने मामले में सीबीआई जांच के लिए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी. उच्च न्यायालय ने आरोपी के खिलाफ चल रहे मुकदमे पर रोक लगा दी और सीबीआई द्वारा नये सिरे से जांच के लिए आदेश पारित किया.’’
स्वतंत्र पत्रकार राय अनेक हिंदी और अंग्रेजी अखबारों में लिखते थे. वह जबलपुर क्षेत्र में अवैध कोयला खनन का मुद्दा उठाते रहते थे. अपने लेखों में उन्होंने अवैध कोयला खनन में स्थानीय भाजपा नेताओं के शामिल होने का आरोप लगाया था.






