पत्रकार दीप्ति चौरसिया पर भड़के आसाराम

भोपाल : पहले दीपक चौरसिया को आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे ने दलाल कह डाला था और अब खुद आसाराम ने दीपक चौरसिया की पत्रकार बहन दीप्ति चौरसिया को अनाप-शनाप कह डाला. दीप्ति चौरसिया ने जब आसाराम से उन पर लगे आरोपों के बारे में पूछा तो आसाराम भड़क गए और तू-तड़ाक करते हुए बेशर्म तक कह डाला. इस बीच, दीपक चौरसिया के प्रधान संपादकत्व वाले इंडिया न्यूज चैनल ने आसाराम बापू के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है. 
सूत्रों का कहना है कि जिस दिन आसाराम की प्रवक्ता नीलम दुबे ने दीपक चौरसिया को इंडिया न्यूज पर लाइव प्रोग्राम के दौरान दलाल कह डाला था, उसी के बाद से इंडिया न्यूज चैनल ने आसाराम के खिलाफ आक्रामक अभियान छेड़ दिया है. रोजाना कई घंटे आसाराम के खिलाफ खबरें दिखाई जा रही हैं. 
 
यौन शोषण मामले में फंसे प्रवचनकर्ता आसाराम ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं उनके पुत्र और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का नाम लिए बिना आरोप लगाया है कि उनके साथ जो कुछ हो रहा है, वह ‘मैडम और उनके सुपुत्र’ के इशारे पर हो रहा है. अपने समधी देव किसनानी के अंतिम संस्कार में शामिल होने भोपाल आए आसाराम ने राजा भोज विमानतल पर संवाददाताओं के सवालों के जवाब में कहा, ‘‘मैं आपको क्या बताउं, मैं किसी पार्टी का विरोध नहीं करना चाहता, मुझे लोग बताते हैं कि मैडम और उनके सुपुत्र के इशारे पर यह सब हो रहा है.. ठीक है करने दो, जो वे करना चाहते हैं.’’  उन्होने कहा, ‘‘पिछले साढ़े चार सालों से धर्मान्तरण वालों को इनका ‘सपोर्ट’ है, ऐसा लोग बताते हैं, पर मैं तो चाहूंगा कि भगवान सबका मंगल करे’’.
 
आसाराम ने कहा, ‘‘मैं किसी पर आरोप भी नहीं लगा रहा हूं, मैंने जो सुना वह आपको बता रहा हूं.’’  भाजपा उपाध्यक्ष उमा भारती के उनके समर्थन में खड़े होने को लेकर पूछने पर आसाराम मीडिया पर भड़क गए और नाराज होते हुए उन्होने कहा, ‘‘कोई मेरे बचाव में सामने नहीं आया है, यह गलत बात है, कोई पार्टी मेरे बचाव में नहीं आई है, आप मुझे सताने का प्रयास नहीं करें…’’  आसाराम के मीडिया पर भड़कते ही विमानतल पर मौजूद उनके समर्थकों ने हंगामा शुरु कर दिया और उनमें से कई ने अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया. इसी बीच आसाराम अपने वाहन में बैठकर वहां से चले गए.
 
एक संवाददाता द्वारा यह पूछने पर कि जोधपुर पुलिस के सामने पेश होने के लिए क्या आपने और समय मांगा है, आसाराम ने कहा, ‘‘मैने कोई समय नहीं मांगा, मैं तो तैयार हूं, मेरे लिए जैसे यहां वैसी जेल, लेकिन जब मैने ये साजिशें सुनीं, तो वहां कोई खिलाने-पिलाने में ‘ब्रेन’ को ऐसा-वैसा कर दे, इसलिए तय किया है कि जेल में अन्न-जल छोड़ दूंगा, ये बात किसी से मैने कही, तो मीडिया में आ गई’’.
 
उल्लेखनीय है कि आसाराम के समधी एवं उनके पुत्र नारायण सांई के सुसर देव किसनानी का कल यहां दिल का दौरा पडने से निधन हो गया था. किसनानी यहां आसाराम आश्रम के संचालक भी थे. उनके पार्थिव शरीर का यहां अंतिम संस्कार किया गया. 
 
उधर, नागपुर में बुधवार को आसाराम के आश्रम पर भीमसेना के लोगों ने हमला कर दिया. पुलिस ने बताया कि युवकों के एक समूह के द्वारा नागपुर के पास फेतरी इलाके में आसाराम के आश्रम में कथित रूप से तोड़फोड़ की गई. ये युवक बाईक पर सवार होकर आये थे. हमलावरों ने आसाराम के कुछ अनुयायियों के साथ हाथापाई भी की. यह घटना उस समय हुई जब कुछ अनुयाई आश्रम परिसर में कृष्ण जन्माष्टमी मना रहे थे. हालांकि आसाराम के अनुयाईयों ने एक हमलावर को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया जबकि अन्य हमलावर भागने में सफल रहे. 
 
आसाराम के अहमदाबाद स्थित आश्रम के पास वर्ष 2008 में मृत मिले दो बच्चों में से एक बच्चे के पिता ने दावा किया कि असली गुनहगार अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं और आसाराम को ‘राजनीतिक संरक्षण’ प्राप्त है. चचेरे भाइयों दीपेश वाघेला (10) और अभिषेक वाघेला (11) तीन जुलाई 2008 को आसाराम द्वारा संचालित आवासीय विद्यालय ‘गुरुकुल’ से लापता हो गए थे. दो दिन बाद उनके क्षतविक्षत शव पास में नदी किनारे मिले.

 

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