पत्रकार निहाल सिंह के साथ दिल्‍ली ट्रैफिक पुलिस ने की बदतमीजी

दिल्‍ली और यूपी में पत्रकारों के पुलिसिया उत्‍पीड़न की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. ताजा मामला दिल्‍ली का है. हिंदुस्‍थान समाचार के संवाददाता निहाल सिंह के साथ दिल्‍ली के ट्रैफिक पुलिस वालों ने बदतमीजी की. गाला गलौच की गई. उनके साथ मारपीट की भी कोशिश की गई. पुलिस ने उनकी शिकायत भी नहीं लिखी. पूरे मामले में परेशान होकर निहाल सिंह ने एक शिकायती पत्र पूर्वी जिला के पुलिस उपायुक्‍त को भेजी है.  

सेवा में,

पुलिस उपायुक्त
पुलिस उपायुक्त कार्यालय (पूर्वी जिला)
गाजीपुर, दिल्ली-110096

विषय- ट्रैफिक पुलिस के द्वारा पत्रकारों से जबरदस्ती पैसे छीनने व हाथापाई एवं गाली गलौच किए जाने पर शिकायत पत्र।

मान्यवर,

मै निहाल सिहं पुत्र श्री राजाराम पाल निवासी यू.एस- 267 गली न.03 उत्तरी स्कूल ब्लाक मण्डावली फाजलपुर दिल्ली-110092. शानिवार दिनांक 14 जुलाई 2012 को सांय 8 बजे अपने एक बीमार मित्र, जो कि झिलमिल ई.एस आई में भर्ती हैं, राजीव कुमार को देखने के लिए अपने घर से बाईक लेकर निकला। मोटरसाईकिल को मेरा मित्र पंकज चला रहा था। जब हम कड़कड़डूमा के पास क्रास रीवर माल के पास पहुंचे तो वहां पर दिल्ली पुलिस द्वारा ड्रंक एंड ड्राइव अभियान चलाया जा रहा था। यह अभियान प्रशंसनीय है जिससे कई हादसों को रोका जाता है। वहां अभियान के दौरान हमें भी रोका गया हमनें भी आरामदायक रूप से गाड़ी को रोका और गाड़ी को चेक कराने लगे।

जब हमने गाड़ी को रोका तो पुलिस वालों ने हमें तेज आवाज में चिल्लाकर कहा अबे कितनी पी कर आए हो। हमने कहा सर हम तो शराब नहीं पीते हम अभी घर से आ रहे हैं। इंस्‍पेक्टर फिर से चिल्लाते हुए कहा- अबे सच बताओं। हमने बोला सर चेक कर लीजिए। इंसपेक्टर जांच के दौरान मेरे मित्र से अपशब्दों का उपयोग करते हुए कहा – ले इसमें फूंक मार, उसने फूंक मारी तो गाली देते हुए कहा -अबे तेज मार। हमने जांच कराई और गाली गलौच न करने के लिए कहा लेकिन इंस्‍पेक्टर ने फिर गाली देते हुए कहा कि तुमने शराब तो नहीं पी रखी है। चलो 100 रु निकालो और चले जाओ। हमने बोला भाईसाहब जब हमने शराब नहीं पी रखी तो 100 रुपए किस लिए। इंस्‍पेक्टर चिल्लाते और गाली देते हुए कहा- अबे जो तुमने जांच कराई है, इस जांच के फीस के लिए 100 रुपए लेगेंगे। हमने बोला रसीद काट दीजिए और 100 रुपए ले लीजिए।

इंस्‍पेक्टर बोला कानून मत सिखाओ जल्दी से 100 रुपए निकालो नहीं तो थाने में बंद कर दिए जाओगे। हमने बोला सर हमारे पास जब सारे गाड़ी के कागज और लाइसेंस हैं तो हम 100 रुपए नहीं देंगे। गाली गलौच करते हुए इंस्‍पेक्टर के आदेश पर मेरा टी-शर्ट का कालर पकड़कर मुझे गाड़ी से ऊतार लिया गया। और मेरे साथ हाथापाई किया गया। मेरे मित्र के शर्ट की जेब से 500 का नोट निकाल लिया गया। और फिर गाली गलौच करने लगे। हमारे साथ गाली गलौच और हाथापाई करने के बाद मुझे धक्का दे दिया गया। हवलदार द्वारा धक्का देने के बाद मैं फुटपाथ पर जाकर गिरा। मेरे मित्र ने हवलदार से हाथ छुटा कर मुझे  फुटपाथ से उठाया। फिर मैं अपनी डायरी में सबके नाम लिखने लगा तो मेरी डायरी फाड़ दी गई और पेन भी छीन लिया गया।

महोदय मेरे साथ हुई वारदात के बाद मैंने करीब 9 बजे मदद के लिए 100 नमबर पर काल कर दी और फिर पुलिस को सूचना दी। करीब  15 से 20 मिनट बाद वहां पर बाइक पर 2 पुलिस कर्मी आए। हमने अपने साथ हुई इस वारदात की जानकारी आए पुलिसकर्मी को बताई। पुलिस कर्मी ने कहा कि तुम थाने चले वहा पर अपनी शिकायत बता देना। महोदय हम आनंद विहार थाने पहुंचे तो वहां बैठे डूयटी आफिसर से शिकायत लिखने के लिए बोला। लेकिन उस डूयटी आफिसर ने बोला कि जब तक तुम्‍मारी शिकायत लिखने वाले नहीं आ जाते जब तक तुम्हारी शिकायत नहीं लिखी जा सकती। पुलिस का हमारे प्रति ढीले रवैये को देखते हुए हम थाने से चले आए। महोदय ट्रैफिक पुलिस के इंस्‍पेक्‍टरों द्वारा की गई इस वारदात को संज्ञान में लेकर दोषी पुलिसवालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्य़वाही कर हमें नयाय दिलवाने की कृपा करें।

प्रार्थी

निहाल सिंह

संवाददाता हिंदुस्‍थान समाचार

दिल्‍ली

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