पत्रकार पिटाई कांड : पुलिस ने लिया यू टर्न, पत्रकारों के खिलाफ ही दर्ज किया मुकदमा

पश्चिम बंगाल के डिबुडीह चेकपोस्ट में मसाला व पोस्तू तस्करों द्वारा पत्रकारों की पिटाई के मामले में पुलिस का रवैया पत्रकारों के खिलाफ ही आक्रामक हो गया है. चार पत्रकारों के खिलाफ रंगदारी व छिनतई की प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है तथा उनके घर में गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की जा रही है. इधर सहायक पुलिस आयुक्त (वेस्ट) के आवास पर ज्ञापन देने गये पत्रकारों के खिलाफ भी गैरजमानतीय धारा के तहत प्राथमिकी की तैयारी चल रही है. मेयर व आसनसोल दुर्गापुर विकास प्राधिकार (अड्डा) के चेयरमैन तापस बनर्जी ने पुलिस आयुक्त अजय नंद से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है.

सनद रहे कि समाचार संकलन करने गये डुबुडीह चेकपोस्ट को पास चार पत्रकारों की बुरी तरह से पिटाई की गयी थी. गंभीर रूप से घायल दो पत्रकारों को अस्पताल में दाखिल कराना पड़ा था. इस मामले में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पकड़े गये आरोपी महताब खान को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद कुल्टी पुलिस का रवैया पत्रकारों के खिलाफ काफी उग्र हो गया है. पहले तो घटना के दो दिन बाद दूसरे पक्ष की ओर से चार पत्रकारों के खिलाफ रंगदारी मांगने व छिनतई करने जैसे मामलों का आरोपी बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी. इसमें पत्रकार एसपी सिंह, कृष्ण कुमार सिन्हा, संजीव यादव तथा मनोज नियोगी शामिल हैं. इनके खिलाफ भादवि की धारा 323, 325, 379 तथा 384 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

बुधवार की रात कुल्टी पुलिस ने इन पत्रकारों के आवास में छापेमारी भी की. घर में उपलब्ध नहीं होने के कारण उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी. गिरफ्तारी के डर से वे क्षेत्र छोड़ने को विवश हो गये हैं. उनके न रहने के कारण क्षेत्र की खबरें भी उनके संवाद माध्यम व अखबारों तक नहीं पहुंच रही है. मजे की बात यह है कि इसमें एसपी सिंह को इसलिए घसीट दिया गया कि आसनसोल जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष होने के नाते उन्होंने इसका लिखित प्रतिवाद पुलिस आयुक्त से किया था. पत्रकारों के खिलाफ यह कार्रवाई यहीं तक सीमित नहीं रही. गुरुवार को आसनसोल कोर्ट में मामले से जुड़े दो गवाहों के बयान भी सीआरपीसी के तहत मजिस्ट्रेट के सामने सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज कराया. इधर एसीपी (वेस्ट) अंजलि सिंह के यहां ज्ञापन देने गये पत्रकारों के खिलाफ भी गैर जमानतीय धारा के तहत प्राथमिकी की तैयारी चल रही है. इसका मकसद पत्रकारों को सबक सिखाना है.

मेयर से मिला पत्रकारों का शिष्टमंडल : पत्रकारों पर हुए हमले के बाद भी पुलिस की ओर से पत्रकारों को उत्पीड़ित किये जाने के प्रतिवाद में वरीय संपादक सत्यरंजन कर्मकार व विश्वदेव भट्टाचार्या के नेतृत्व में पत्रकारों का शिष्टमंडल गुरुवार को मेयर व अड्डा चेयरमैन तापस बनर्जी से मिला. उनके साथ आसनसोल नगर निगम के चेयरमैन जितेंद्र तिवारी भी थे. उन्होंने मेयर को पूरे मामले की जानकारी दी और कहा कि पूरे मामले में पुलिस का रवैया काफी आक्रामक हो गया है. यह अभिव्यक्ति पर हमला है. किसी न किसी रूप में यह मानवाधिकारों का भी उल्लंघन है तथा शहर के प्रथम नागरिक होने के नाते उन्हें इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए. उन्हें इसके विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी दी गयी.

मेयर श्री बनर्जी ने इस संबंध में पुलिस युक्त श्री नंद से बात की तथा इस मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया. श्री नंद ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले की जानकारी लेकर उचित कार्रवाई करेंगे. शिष्टमंडल में संपादक रवींद्र पसारी, संजय कुमार सिन्हा, प्रदीप सुमन, प्रेम शंकर चौबे, शिवशंकर ठाकुर, रमेश भारती, नरेश नोनिया, भरत पासवान, जहांगीर आलम, उमाशंकर पांडेय, लवली पांडेय, अमरीतोष उपाध्याय, अमरदीप सिंह चौहान शामिल थे. साभार : प्रभात खबर

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