पत्रकार शिशिर सोनी ने मंत्री जी की ‘औकात’ का किया खुलासा

हरिभूमि अखबार में आज पत्रकार शिशिर सोनी की एक एक्सक्लूसिव स्टोरी छपी है. रायपुर एडिशन में टाप बाक्स में प्रकाशित इस खबर में शिशिर सोनी ने बताया है कि कैसे केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल मंत्री लोग एक अदद एयर टिकट के लिए मारे मारे फिर रहे हैं. हिंदी मीडिया में इस तरह की क्वालिटी स्टोरीज का आजकल काफी टोटा है. ज्यादातर जगहों पर पीआर वाली खबरें प्रकाशित हो रही है. बदइंतजामी और घपले-गड़बड़झाले से संबंधित खबरें अंग्रेजी अखबारों में तो दिख जाती हैं लेकिन हिंदी अखबार चारणगान के तहत मौन रहते हैं. इस स्टोरी के लिए शिशिर को बधाई. पूरी स्टोरी यूं है. 

मंत्रियों की ‘उधार’ में उड़ान बंद

शिशिर सोनी, नई दिल्ली

केंद्र सरकार के खजाने का बुरा हाल है। मंदी और फिजूलखर्ची की दोहरी मार से बैलेंस-सीट कराह रहा है। हालत ये है कि कैबिनेट सचिवालय ने कैबिनेट स्तर के मंत्रियों का हवाई किराया भी भुगतान करने से मना कर दिया है। सरकार की खस्ता होती हालत का इल्म होते ही एयर-टिकट मुहैया कराने वाले सरकारी उपक्रम, बामर लॉरी एंड कंपनी लिमिटेड ने कुछ लाख रुपए बकाए का भुगतान न होने की दशा में मंत्री और नौकरशाहों के एयर-टिकट उधार में अब न बनाने का टका सा जवाब दे दिया है। मंत्रालय के नौकरशाह कंपनी की मिन्नतें कर रहे हैं। कंपनी ने लगातार हो रहे घाटे का जिक्र करते हुए लिखित रूप में कहा है कि पहले भुगतान करो तभी उधार का एयर-टिकट बनाया जा सकेगा। हरिभूमि के पास मंत्रालय और कंपनी दोनों के बीच हुए पत्राचार की प्रति मौजूद है। 

संयुक्त सचिव के पत्र का जवाब कंपनी के सीएमडी वीरेंद्र सिन्हा ने 27 नवंबर को देते हुए साफ कर दिया कि बकाये का भुगतान जब तक नहीं होगा तब तक टिकट नहीं बनाया जा सकेगा। अब तक उधार में लिए गए टिकट का ब्यौरा भी दिया गया। सीएमडी ने लिखा कि जुलाई 2012 से 44 लाख रुपए के बकाए के एवज में महज 29 हजार 610 रुपए ही अब तक मिल सके हैं। सीएमडी ने पत्र में इस बात का भी खुलासा किया है कि कैबिनेट सचिवालय ने बजट नाकाफी होने के कारण अन्य कई मंत्रियों क टिकट का भुगतान करने में असर्मथता जताई है ऐसे में और उधार में एयर-टिकट नहीं बनाया जा सकता।

क्या है मामला…

हाल ही में रेल राज्यमंत्री से लघु एवं सूक्ष्म उद्योग मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार संभालने वाले केएच मुनियप्पा कहने को तो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट स्तर के मंत्री हैं, लेकिन इन दिनों वे एक अदद एयर-टिकट के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं। केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नौकरशाहों के टिकट की जिम्मेदारी पेट्रोलिम मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रम बामर लॉरी एंड कंपनी को दिया गया है। लघु एवं सूक्ष्म मंत्रालय के एयर-टिकट के एवज में अब तक 44 लाख 9 हजार रुपए के बकाये के कारण कंपनी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक वीरेंद्र सिन्हा ने मंत्रालय की सभी टिकटों पर रोक लगा दी है। 

मंत्री की टिकट बनने को गई तब भी कंपनी ने ठेंगा दिखा दिया। मारे गुस्से में केंद्रीय मंत्री ने संयुक्त सचिव सीके मिर्शा को मामले को देखने को कहा। मिर्शा ने कंपनी के सीएमडी को पत्र लिखकर बताया कि बकाये का हवाला देते हुए मंत्री का टिकट भी कंपनी की ओर बनाने को मना किया जा रहा है। गत 22 नवंबर को लिखे पत्र के अंत में कहा गया है कि मंत्री और उनके साथ एक अटेंडेंट का टिकट बनाया जाए लेकिन कंपनी के रुख से मंत्रालय हलाकान है।

साभार- हरिभूमि, रायपुर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *