पत्रकार साहसी बनें, सिस्‍टम का हिस्‍सा नहीं : कुलदीप नैयर

वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर ने ‘पेड न्यूज’ पर चिंता व्यक्त करते हुये पत्रकारों को सलाह दी कि वे ज्यादा साहसिक बने और व्यवस्था का हिस्सा नहीं बने. नैयर ने अपनी किताब ‘बियांड द लाइन्स’ जारी किये जाने के दौरान कहा, ‘‘अखबारों में आज जो भी समाचार आप देखते हैं उस पर आंख मूंद कर विश्वास नहीं करें क्योंकि पत्रकार, मालिक और स्थान खरीदे जा चुके हैं. पेड न्यूज बिक रहा है और पक्षपात दिखाई पड़ रहा है.’’

88 वर्षीय नैयर ने अपने आत्मकथा में पत्रकारिता के क्षेत्र में और आपात काल के दिनों के अपने अनुभवों को बताया है. पेड न्यूज के बारे में बोलते हुये राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा कि समाचार के इस स्वरूप की अवधारणा एक ‘गंभीर समस्या’ है जो मुख्यत: चुनावों के समय होती है न कि हरेक समय.

जेटली ने कहा, ‘‘पेड न्यूज एक गंभीर समस्या है और यह चुनावों के दौरान विशेष रूप से दिखायी देता है. चुनाव आयोग या प्रेस परिषद के हस्तक्षेप के बाद भी यह होता है और प्रत्येक व्यक्ति यह जानता है कि कौन क्या कर रहा है.’’ बांग्लादेश के अखबार डेली स्टार के संपादक महफूज अनाम ने कहा कि तथ्य यह है कि जब कोई समाचार के लिये पैसे देता है तो वह पत्रकारिता की संहिता (विश्वास) की हत्या कर देता है. उन्होंने कहा, ‘‘यह भारत में है जहां स्वतंत्र प्रेस विकसित हुआ और जब हम इस तरह के पेड न्यूज के सुनते हैं तो यह वास्तव में खबरों की मौत है.’’

नैयर ने कहा कि आज जरूरत है कि मीडिया आत्म नियंत्रण करे. उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हाल ही में प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि यह वह समय है जब हमारे पास प्रेस आयोग हो जो 30 साल पहले था. मैं बड़े समाचार पत्रों से अनुरोध करूंगा कि वे लोक प्रहरी बनायें.’’ साभार : समय

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