पद्मश्री राजदीप सरदेसाई हैं क्या? पत्रकार या मुनाफ़ाखोर मालिक या अंबानी के वफ़ादार सेवक?

Bhupen Singh : पद्मश्री राजदीप सरदेसाई पत्रकार हैं कि आइबीएन जैसी बड़ी कंपनी के मुनाफ़ाखोर मालिक और मुकेश अंबानी के वफ़ादार सेवक हैं? क्या किसी व्यक्ति को एक साथ पत्रकार और कॉरपोरेट कंपनी का मालिक होने की इजाज़त दी जानी चाहिए? क्या कंपनी मालिक और पत्रकार के हितों में टकराव नहीं है? पत्रकार के मुखौटे में छिपे मालिक और उनके दलाल, पत्रकारिता के नाम पर ही पत्रकारों को ठग रहे हैं. साथी, लाखों-करोड़ों रुपए की अश्लील तनख़्वाह पाने वाले और मीडिया कंपनी में शेयर रखने वाले तथाकथित महान पत्रकारों की तरफ़ उम्मीद से देखेंगे तो निराशा ही हाथ लगेगी! ये उनका मुखौटा नोचने का वक़्त है! नाम, दाम और ईनाम से अघाये पत्रकार हमारे प्रतिनिधि बिल्कुल नहीं हो सकते! वे तो पूंजी और सत्ता की चाकरी करते हुए अपनी कलम कब की बेच चुके हैं! कल फ़िल्म सिटी, नोएडा में मिलते हैं दो बजे!

Bhupen Singh : सीएनएन-आइबीएन और आइबीएन-7 के पत्रकारों की बर्खाश्तगी को अगर यूं ही बर्दाश्त किया गया तो इससे बाक़ी मीडिया घरानों को भी मनमानी करने का मौक़ा मिलेगा. मुनाफ़ाखोर मीडिया की इस करतूत के ख़िलाफ़ 21 अगस्त को नोएडा सेक्टर-16, फिल्म सिटी में सीएनएन-आइबीएन ऑफ़िस के गेट पर विरोध दर्ज कराने पहुंचें. कोशिश करें कि दो बजे तक ज़्यादा से ज़्यादा संख्या में वहां इकट्ठा हों. आप ख़ुद बैनर-पोस्टर भी बनाकर ला सकते हैं. जल्दबाज़ी में दिल्ली के कॉफ़ी हाउस में बुलाई गई एक मीटिंग में क़रीब तीन दर्जन पत्रकारों ने पत्रकार एकजुटता मंच बनाकर यह फ़ैसला लिया है. हमारी मांग है कि सभी मीडिया हाउस श्रमिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए तुरंत वर्किंग जर्नलिस्ट ऐक्ट लागू करें और पत्रकारों को संगठन बनाने के अधिकार दिए जाएं. सीएनएन-आइबीएन में यूनियन होती तो मैनेजमेंट की यह मजाल नहीं होती! मुनाफ़ाखोर मालिकों और उनके दलाल संपादकों के ख़िलाफ़ आंदोलन का यह बिल्कुल सही मौक़ा है! रीढ़ विहीन पत्रकार इस सूचना पर ध्यान न दें!

Bhupen Singh : If the recent sacking of hundreds of journalists by CNN- IBN and IBN 7 is easily tolerated then it will give wrong signals to other media houses that they can also do whatever they want and nobody will speak up. This is a call for all conscientious people to come and register their protest against this outrageous act of profiteering media. Date: 21st August, 2 PM onwards, in front of CNN-IBN office, Film City, NOIDA. Try to come before 2 PM in as many numbers as possible. You may bring your own posters and banners. Around forty journalists met at a hastily arranged meeting in Coffee House and took this decision to hold protest demonstration. It’s our demand that all media houses immediately implement the Working Journalists Act to protect workers rights, and journalists should have the right to form Unions. If CNN IBN had a Journalist Union, management would not have dared to take this step. This is the best time to raise a forceful movement against the profiteering media owners and the editors who act as their agents. Spineless journalists may ignore this message!

पत्रकार, एक्टिविस्ट और विश्लेषक भूपेन सिंह के फेसबुक वॉल से.

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