कोलकाता से प्रकाशित एक बंगला पत्रिका ने अपने मार्च के अंक में एक खबर को लीड स्टोरी के रूप में प्रकाशित किया है। यह खबर कोलकाता के पत्रकारों में इन दिनों चर्चा का विषय है। दिल्ली डेटलाइन से पत्रकार अर्ध्य कुसुम ने खबर में लिखा है कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने खुफ़िया तरीके से कोलकाता प्रेस क्लब के पदाधिकारियों के पाकिस्तान सफर की जाँच शुरू कर दी है। जांच में क्लब के कई पदाधिकारियों का नाम शामिल किया गया है।
खबर में दावा किया गया है कि कोलकाता प्रेस क्लब का कराची सफर गृह मंत्रालय अथवा प्रदेश गृह मंत्रालय के अनुमति के बिना हुआ है। इस सफ़र पर जाने के पहले प्रेस क्लब के कई पदाधिकारियों के साथ पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारियों ने गोपनीय बैठक की। बैठक को लेकर गृह विभाग में खलबली मची हुई है। खबर के मुताबिक महीना भर पहले भारत में नियुक्त पाकिस्तान के हाई कमिश्नर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात करने कोलकाता आए हुए थे। मुख्यमंत्री से मुलाकात करने के बाद वो कोलकाता प्रेस क्लब में आए थे। प्रेस क्लब में उनके आने की खबर किसी को नहीं दी गई थी। इसके बाद खबर आई की प्रेस क्लब के अध्यक्ष और सचिव के साथ कुछ पत्रकारों के दल ने पाकिस्तान जाने के लिए आमंत्रण पाया है। इस आमंत्रण की जानकारी कोलकाता प्रेस क्लब की तरफ से न तो विदेश विभाग को दी गई और न ही गृह मंत्रालय को।
गोपनीयता का आलम कि कराची में इस सफ़र को लेकर कराची स्थित भारतीय कमिश्नर भी अंधकार में थे। वो वहाँ के अख़बारों में खबर पढ़कर जाने कि कोलकाता से पत्रकारों का एक दल पाकिस्तान सफ़र पर आया है। हालांकि इस तरह के सफ़र की जानकारी भारत सरकार को देने का नियम है। इसके पहले कोलकाता प्रेस क्लब की टीम जब भी विदेश सफ़र पर गई है, सभी जानकारी विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को दी गई है। खबर में दावा किया गया है कि इस बार सफ़र में जो लोग गए थे, उनकी भागीदारी को लेकर कोलकाता प्रेस क्लब के कार्यकारिणी सदस्य और आम सदस्यों में रोष है।
कोलकाता से भड़ास के वरिष्ठ संवाददाता की रिपोर्ट.





