पिथौरागढ़ में विधायक की दावत से तर पत्रकार

पिथौरागढ़ : यह कोई नई बात नहीं है कि जब पत्रकारों की दावत की बात हो रही हो इस प्रसंग को इसलिए इस बार लिखने को मजबूर हुए हैं कि पत्रकारों की आंखे खुल सके. चुनाव में करोड़ रुपये खर्च करने के बाद विधायक बनने वाले हमारे रहनुमा पांच साल में इतनी दौलत जुटा लेते है कि सात पीढ़ियों तक साहूकार रह सकें.
इसके बदले में पत्रकार मित्रों को केवल साल में एक दावत जिसमें दो-चार शराब के पैग और चूसने के लिए कुछ हड्डिया. घबराईये नहीं हम खुलासा भी कर रहे हैं. 30 दिसंबर की रात्रि को पिथौरागढ़ नगर के नगर पालिका चौक के निकट एक होटल में धारचूला के विधायक हरीश धामी ने जिला मुख्यालय के पत्रकारों को दावत दी. शहर के दो-चार पत्रकारों को छोड़कर सभी दावत में थे. यह दावत ऐसे वक्त पर हुई है जब विधायक आपदा प्रभावितों के लिए आए राशन को गोरी नदी में फेंकने के मामले में विवादित चल रहे है. घटना यह है कि 29 दिसंबर को विधायक हरीश धामी के गांव मदकोट में सांसद प्रतिनिधि नरेंद्र सिंह रावत ने अपने घर में आपदा के समय में डंप राशन को बांटने के लिए मदकोट के लोगो को बुलाया. कुछ दिनों के बाद पंचायत चुनाव होना है. 
विधायक के करीबी नरेंद्र रावत मुनस्यारी में क्षेत्र प्रमुख पद के दावेदार हैं और उन्हें मदकोट से क्षेपं सदस्य का चुनाव लड़ना है. पंचायत चुनाव की तारीख घोषित होते ही विधायक के करीबी कांग्रेसी नेता ने अपने द्वारा कब्जाए गए राशन को बांटना शुरू किया तो पता चला कि राशन तो सड़ चुका है. जानवरों के लिए कुछ राशन लोग ले गए और शेष खराब राशन मजदूर लगाकर गोरी नदी में डाला जा रहा था कि इस पर मीडिया की नजर पड़ गई. 
30 दिसंबर को समाचार पत्रों के पहले पन्ने में यह खबर सुर्खी बन गई. मुनस्यारी के एसडीएम ने एक आपदा राशन बांटने की कमेटी बनाई थी. जिसमें उक्त व्यक्ति सदस्य था. विधायक के दबाव में प्रशासन इन लोगो को राशन देता रहा और आज यह नौबत आ गई कि सारा राशन खराब हो गया. आपदा के समय प्रभावित एक-एक दाने के लिए तरसते रहे और उनके नाम पर आया राशन डंप कर दिया गया इससे घबराए विधायक ने मीडिया मैनेजमेंट के लिए पिथौरागढ़ के जिला मुख्यालय के पत्रकारों को फिर दो पैग शराब और हड्डी डाल दी. पत्रकार भी हड्डी को चूसने लगे. यहां पर बता दे कि बिते वर्ष विधायक के भांजे ने मदकोट इंटर कालेज में घुसकर एक छात्रा के साथ अशलील हरकत की.
इस खबर को भी दबाने के लिए पत्रकारों को दावत दी गई. इस दावत में तो एक पत्रकार ने जो नया था इतनी शराब पीकर उसे पैंट में ही सू-सू हो गई. इतना ही नहीं पिछली बार और इस बार की दावत में पत्रकार मित्र शराब की बची बोतल और पत्नी के लिए ताजा मुर्गा लेजाना नहीं भूले.
हर साल घटना होती रहे और पत्रकारों को दावत मिलती रहे. यहां के पत्रकारों को इतनी भी तमीज नहीं है कि अन्य समय में दावत खा लेते लेकिन अब तो यह आरोप लगेगा ही कि आप मैनेज हो रहे है. हांलाकि तब और अब अखबार में खबरें तो छपी. बेचारे विधायक को मालूम नहीं है कि सड़क में जनता उतरेगी तो खबर तो बनेगी ही. इतना जरूर है कि उनकी शराब और हड्डी यह कार्य तो कर रही है कि समाचार में असल बातों को छुपाकर गोलमाल जैसा किया जा रहा है.
इस घटना में तो पिछली बार तो एक अखबार ने पुतला जलाने के बाद भी विधायक का नाम तक नहीं छापा. टीवी और अखबार दोनों विधायक की दावत की कीमत चुका रहे है. हाल यह है कि शहर में आम चर्चा है कि ये पत्रकार हैं कि किसी के पालतू………….  चलिए पिथौरागढ़ के पत्रकारों ने तो थर्टी फर्स्ट तीस को ही मना लिया.
   
पिथौरागढ़ के एक पत्रकार द्वारा 

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