पुण्य प्रसून के बारे में जफर इरशाद के पोस्ट से मैं असहमत हूं

यशवंत जी नमस्कार, मैं कोई पत्रकार नहीं हूं, पर मैं भड़ास पर छपे जफर इरशाद के लेख पर अपनी राय रखना चाहूंगा. मैं उनके इस लेख से थोड़ा असहमत हूं. उन्होंने पुण्य प्रसून के जिस शो की चर्चा की थी जिसमें पुण्य प्रसून ने सचिन के शानदार करियर पर कार्यक्रम किया था. वो शो मैंने भी देखा था. उसके बारे में मैं कुछ कहना चाहता हूं. पुण्य प्रसून ने केवल खेल और राजनीति के क्षेत्रों की बात की थी. पुण्य के अनुसार…

''सचिन का अंतिम टेस्ट एक राष्ट्रीय उत्सव के तौर पर मनाया जा रहा है.. क्या सचिन इस सम्मान के हकदार है? वो हकदार हैं क्योंकि उनके 24 साल के कैरियर के दौरान राजनीतिज्ञों की साख दिन ब दिन गिरी है पर सचिन ने अपनी साख बनाये रखी. उन्होंने अपने बल्ले को बोलने दिया. सचिन ने खेल की दुनिया में भारत को नया मुकाम दिया क्योंकि भारत में खेलों में कुछ भी अच्छा नहीं हो रहा था.''

पुण्य प्रसून कुछ गलत नहीं कह रहे थे शायद.. मुझे तो उनकी बातें सही ही लगीं. आपने बात की डॉक्टर और साइंटिस्ट्स की. डॉक्टर और साइंटिस्ट मीडिया के लिए केवल 2 से 3 प्रतिशत टाइम ही खबर बनते हैं. मीडिया के लिए केवल दो ही चीजें तो टीआरपी लाती हैं- खेल खिलाड़ी और राजनीति की बातें. पुण्य प्रसून भी मीडिया टीआरपी वाले पत्रकार हैं. उन्होंने भी इन्हीं चीजों की तुलना की है… जो दिखता है वही बिकता है.

Suresh Kumar Bijarniya

eerskb@gmail.com


संबंधित पोस्ट…

कल आजतक पर पुण्य प्रसून समझा रहे थे कि…

पुण्य प्रसून जी ने सचिन को देश के लिए रोटी से बड़ा कर दिया…

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *