पुलिस ने जब मुझ पर लाठियां चलाईं तो बिजली की तेज़ी से वो घूमी और मेरे ऊपर आ कर लेट गई

Mayank Saxena : उस सुबह को भूलना मुश्किल है…और उस चेहरे को भी…वो हमारे साथ शाम से थी…राष्ट्रपति भवन पर हमारा अकेला 100 लोगों का ग्रुप बचा था…रात भर 5 डिग्री पारे के बीच हम कभी कागज़ तो कभी मोमबत्तियां जला कर बैठे थे…मेरे हर गाने पर सबसे आगे आगे वो गाती थी…हां अलबत्ता हिंदी और उर्दू उसकी ज़ुबान तो न थीं…पर वो भोजपुरी गीत पर भी झूम कर गाती थी…फिर उससे बातचीत होने लगी…वो बोली, "नॉर्थ ईस्ट के लोग भी इसी देश के लोग हैं…मैं यहां इसलिए हूं क्योंकि मैं ये बताना चाहती हूं कि हम लोग भी आपके भाई बहन हैं…दिल्ली में पूर्वोत्तर की लड़कियों के साथ जिस तरह का व्यवहार होता है…जिस नज़र से उनको देखा जाता है…उसके खिलाफ़ मैं यहां आई हूं…" मैं सुन रहा था और शर्मिंदा था…

फिर काफी देर Ila Joshi से उसकी बात होती रही…घर के बारे में…परिवार के बारे में…और न जाने क्या क्या…वो बेहद संजीदा थी…बेहद भावुक…और बेहद समझदार…और फिर हम दोबारा गाने गाने लगे…सुबह हो रही थी और तभी सूरज उगने से ठीक पहले करीब सुबह 6 बजकर 20 मिनट पर…400 के करीब पुलिसवाले आ गए…

उसने मेरा हाथ पकड़ लिया…मैंने इला का…इला ने एक बिहार के लड़के का…अमित मुझसे लिपट गया…और फिर इला के बाल पकड़ के उनको खींच लिया गया…मैंने उनके पैर पकड़ लिए तो मेरे हाथों पर डंडे बरसाए गए…लेकिन उसने मुझे नहीं छोड़ा…जैसे कोई मां अपने बच्चे से चिपक जाती है…Amit Srivastava भी पुलिस की गिरफ्त में था…लेकिन मैं और वो वहीं थे…पुलिस ने जब मुझ पर लाठियां चलाईं तो बिजली की तेज़ी से वो घूमी और मेरे ऊपर आ कर लेट गई…मेरी ढाल बन गई…लाठियां खाती रही…मुंह से एक शब्द नहीं निकला…मैं चीखा कि अरे बेरहमों एक महिला को पुरुष मिलकर पीट रहे हो…तब महिला कांस्टेबल आगे आई…और उसे खींच कर अलग किया…उसे भी बहुत चोटें आई थीं…लेकिन वो हमारे साथ रही…हम दिल्ली के बाहर छोड़े गए…वहां से फिर इंडिया गेट पहुंचे और फिर हमें और उसे पुलिस ने पीटा…दोपहर में उसके सिर पर चोट आई…लेकिन पट्टी करवा कर वो फिर वापस लौटी…और अगले दिन हमने देखी वो तस्वीर जिसमें पाउलिन सुभाष तोमर का सिर अपनमी गोद में रखे बैठी थी…

पाउलिन…हमें आप पर नाज़ है…आप सी हिम्मती लड़कियां हमने नहीं देखीं, सिर्फ सुना है कि मणिपुर की बहनें बेहद बहादुर हैं…हम जानते हैं कि ये मणिपुर की बहनों की बड़ी लड़ाई का एक छोटा और अहम हिस्सा है…पाउलिन हम सब पिछले 3 दिन से आपका इंतज़ार कर रहे हैं…मैं, इला, पुष्पा, मोहित और न जाने कौन कौन…पाउलिन हम आपको सलाम करते हैं…हमने पिछले 5 दिनों में इस बड़े शहर में एक छोटा भारत तैयार किया है…हम सिर्फ और सिर्फ इसके लिए भी जान देने को तैयार हैं…

सलाम दोस्त…सलाम पाउलिन…सलाम…


        Sanjay Kumar Singla सलाम आप सब के लिए मयंक भाई जी ..

         Urmila Madhav wah..!! paulin wah…sachmuch aapko naman..
   
        Rakesh Srivastava आह…पाउलिन को सलाम…आप सबके हौसले को सलाम…. पूरे देश की स्‍वतंत्रता की चेतना का पूर्वोत्‍तर से दर्द का रिश्‍ता है…आप जैसे बहादुर लोग ही न जाने कितनी कडि़यों को जोड़ने के आवश्‍यक कॅटलिस्‍ट बनेंगे….हम आपके साथ हैं…
 
        Abhinav Dixit salute to paulin….n you brother as i had seen she was beaten up by police persons……when all of us were brutally thrown in bus…..
 
        Sunil Dentist police kisi ko nahe chorage.aap sb ko alag alag terrorize kia jayga..fake cases krnge..bt desh ko naaj hai apne youth generation per…..
   
        Sunil Dentist khair bhai …britishers k waqt me bhartiya faujio ne bhartio ko mara …aaj wohi repeat ho raha hai..govt to andhe hai he bt in policewalo ka imaan b khtm ho chuka hai..
    
        Falana Dhimaka Salute to u all !!
    
     
        Dileepkumarsingh Singh Salute to u all
     
        Neelam Nagpal Madiratta Salute to all….
      
        Chanchala Pathak thanks n salute ! what d great optimistic waves ! india ! u r in our hearts!
       
        Manil Mayank Mishra Bharat ek hai.Bharat ki beti ne yeh saabit kiya.. Paolin ki koshish aur jazba avismarniya rahega..HAMESHA.. Aap is sab ke sakshi bane Mayank.Garv ki baat hai..!
        
        Mayank Baudh मयंक आपके जज़बे को सलाम . . . भारतीयता कि परिभाषा में . . .आप सब ने नये परिवर्तन कर दिये है . . .ये बेहद खुशी का एहसास है ।
       
        विजय कृष्ण पांडेय : पाउलिन की जीजिविषा को नमन, आप लोगोँ की भावनाओँ को वंदन, जय श्रीराम

पत्रकार मयंक सक्सेना के फेसबुक वॉल से साभार.

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