पूर्व जस्टिस स्वतंत्र कुमार के खिलाफ मीडिया खबर न छापे, जो छप चुका है उसे हटाएं : कोर्ट

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार को राहत प्रदान करते हुए उनके खिलाफ यौन-उत्पीड़ऩ के आरोपों से संबंधित सामग्री प्रकाशित या प्रसारित करने से मीडिया को आज रोक दिया।  न्यायमूर्ति मनमोहन ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की तस्वीरें प्रकाशित और प्रसारित करने पर भी पाबंदी लगा दी।

न्यायालय ने एनजीटी के अध्यक्ष की तस्वीर अपनी साइटों से हटाने का उन दो समाचार चैनलों और एक अखबार को निर्देश दिया, जिनके खिलाफ उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश ने अवमानना का मामला दर्ज कराया है।  न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 फरवरी की तारीख मुकर्रर करते हुए मीडिया को इस मामले में केवल संबंधित अदालती आदेश ही रिपोर्ट करने का निर्देश दिया।

ज्ञात हो कि  पूर्व न्यायाधीश स्वतंत्र कुमार ने तीन मीडिया संस्थानों टाइम्स नाउ,  इंडियन एक्सप्रेस और सीएनएन आईबीएन के खिलाफ हाईकोर्ट में मानहानि का  केस दायर किया है। मानहानि के इस मामले में तीनों मीडिया संस्थानों से 5 करोड़ रुपए देने की बात कही गई है। गौरतलब है कि जस्टिस स्वतंत्र कुमार पर एक इंटर्न ने यौन शोषण का आरोप  लगाते हुए कोर्ट में याचिका दायर की थी। हालांकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस स्वतंत्र कुमार को राहत दे दी है।

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