पेड न्यूज में घिरा दैनिक जागरण, पूर्व चीफ रिपोर्टर राकेश शर्मा की याचिका पर कोर्ट ने दिए जांच के आदेश

पेड न्यूज के मसले में दैनिक जागरण के खिलाफ पिछले चार साल से मैदान में डटे कुरूक्षेत्र के पत्रकार राकेश शर्मा को आखिरकार पहली सफलता हाथ लगी है। उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने डीजीपी हरियाणा को पूरे मामले की जांच 10 दिनों में करने और 22 मार्च को कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2009 में हुए लोकसभा चुनाव और हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान फरीदाबाद में दैनिक जागरण के चीफ रिपोर्टर रहे राकेश र्मा ने पेड न्यूज के माध्यम से कंपनी में करोड़ों के घोटाले और प्रबंधन द्वारा सारी राशि हजम करने का मुद्दा उठाया था।

इस पर दैनिक जागरण से उन्हें षडयंत्र के तहत बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। इस मामले में राकेश शर्मा ने दिनांक 16 जुलाई 2010 को सेबी, प्रेस काऊंसिल, डीजीपी हरियाणा, विजिलेंस ब्यूरो हरियाणा, केंद्रीय चुनाव आयोग आदि को पत्र लिखकर पेड न्यूज छापने और पैसे के गबन के आरोप लगाए थे। पिछले चार साल के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा की गई जांच में किसी ना किसी तरीके से दैनिक जागरण प्रबंधन अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके बचता रहा है।

इस मामले में सबसे बड़ी बात है कि एक मौजूदा सांसद और छह मौजूदा विधायकों के अलावा एक दर्जन से अधिक ऐसे नेताओं ने चुनावों के दौरान पेड न्यूज छपवाई जो प्रभावशाली स्थिति में हैं। इन्हीं सभी कारणों से किसी भी मंच पर राकेश शर्मा की कोई सुनवाई नहीं हो पाई। सभी संबंधित एजेंसियों से जांच में कोई न्याय नहीं मिलने पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में राकेश शर्मा ने याचिका दायर की थी।

दिनांक 11 मार्च 2014 को माननीय उच्च न्यायालय की जस्टिस ऋतु बाहरी ने मामले की सुनवाई की। राकेश शर्मा के वकील सचिन राय वैद्य ने अदालत को पूरे तथ्यों से अवगत कराते हुए बताया कि जिस भी संबंधित एजेंसी ने अभी तक जांच की है उसने कंपनी के फाईनेंस आफिसर उत्तम गुप्ता, एडमिनस्ट्रेशन मैनेजर और एडवाईरटाइजिंग मैनेजर दिनेश कुमार शर्मा द्वारा हस्ताक्षरित रसीदों की जांच में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है।

माननीय जस्टिस ने सुनवाई के बाद सबसे पहले पूरे मामले की सत्यता को जांचने के लिए निष्पक्ष तौर पर रसीदों और पैसे के लेन देन के आरोपों की जांच की बात कही और डीजीपी हरियाणा के माध्यम से यह जांच कराने की बात कही। जानकारी के अनुसार उच्च न्यायालय द्वारा इस मामले में अंतरिम आदेश जारी किए जा चुके हैं जिनकी अगली सुनवाई के लिए 22 मार्च की तिथि तय की गई है।

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