‘पेड स्टिंग’ के सरताज दीपक चौरसिया और अनुरंजन झा के काम की हकीकत देखिए

Pashyanti Shukla : ''आप चेक दीजिए या कैश दीजिए हमें तो ultimately tax देना ही पड़ता है..'' वाले लाइन में से इस लाइन ''हमें तो ultimately tax देना ही पड़ता है…'' को काट दिया गया है… और फिर Dr. Kumar Vishwas पर काले धन का आरोप जड़ दिया गया… अब तो जर्नलिज्म की पेड न्यूज न जानने वाले भी पूछने लगे हैं कि इन लोगों को किसने पैसा दिया होगा.. हद है वास्तव में ये पतन की पराकाष्ठा है… अब सारे न्यूज़ चैनल लूप बना बनाकर ये फुटेज क्यों नहीं दिखा रहे हैं..  https://www.youtube.com/watch?v=UNtX-LBwwEo

AAP sting operation के नाम पर इंडिया न्यूज़ ने editing के जरिए अर्थ का अनर्थ कर दिया..!!! Height of Unethical Journalism… I heard the raw tape n tried to transcript it here.. Please read and decide… Portion of Dr. Kumar Vishwas

रिपोर्टर: अच्छा चेक देना होगा तो कौन सी कंपनी के नाम से
सचिव: जी कुमार विश्वास के नाम से
रिपोर्टर : अच्छा कुमार विश्वास के नाम से
और चेक देंगे तो कोई रसीद वगैरह मिलेगी
सचिव : जो भी चाहिए आपको..
reporter: हमम रसीद मिल जायेगी
secretary: नहीं रसीद का ऐसा हमारे पास बना हुआ नहीं है, हम लेटरहेड पर दे सकते हैं आपके पास कोई फार्मेट हो तो साइन कर देंगे..रसीद का ऐसा कोई मतलब है नहीं हमारे पास.. 4-5 सालों से तो बिल्कुल ही
वही पांच 6 लोगों की टीम है जो काम करती है
कुमार सर ने तो बिल्कुल छोड़ दिया है 5 6 8 साल से कि किससे बात हो रही है..
Reporter: तो फिर आपके ऊपर तो बहुत काम होगा सारा मतलब उनका बिजनेस देखना पैसा देखना कहां से मतलब कहां आ रहा है कहां जा रहा है या फिर एकाऊंटेंट्स अलग हैं
Secretary: एकाऊंटेंट्स अलग है वो वीकली आते हैं अपडेट करते हैं टैक्स जो भी हैं चीजें..शुरु से ही रखा हुआ है वो तो मतलब कुछ नहीं था साल का पांच 6 लाख का ही टर्नओवर था उस समय भी प्रापर एकाउंटेंट बुलाकर ही करवाते थे..कि भइया इसमें कुछ नहीं कि नहीं दिया ..टाइम पर नहीं हुआ.. रिटर्न फाइल नहीं हो पाया तो इसीलिए.. बिल्कुल मतलब 2005 वांच से ही एकाउंटेंट आता है
…………………….
Reporter: मै चाह रही हूं उनका कुछ इस पे आप समझ रहे हैं उनका कुछ साइन हो आटोग्राफ हो ..कविता में कुछ लिखें मुझे वो
Reporter: हमारे फाइनेंसर हैं उनसे मै बात कर लेती हूं.जो भी एमाउंट उन्होने बताया चेक कैश.अगर वो हां कर देते हैं तो मै कल आके बुकिंग कर लेती हूं..
Kumar: जैसा चाहे हो मेरे नाम से चेक होता है फाइनेंसर से कुछ ..
Reporter: हमारे जो फाइनेंसर हैं वो सामने नहीं आना चाहते हैं कहीं के एमएलए हैं..
Kumar: कोई दिक्कत नहीं है
Reporter: वो कैश पेमेंट ही देगें
kumar: कोई दिक्कत नहीं है..जैसा आप लोग चाहें..ऐसे दीजिए या वैसे दीजिए कोई प्राब्लम नहीं है.
Reporter: नहीं इन्होने ने तो बोल दिया है कि कैश दे सकते हैं
Kumar: हमे तो कोई समस्या इस तरह की नहीं है हमें तो ultimately tax देना ही है..देना ही पड़ता है

युवा पत्रकार पश्यंती शुक्ला के फेसबुक वॉल से.

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