बेंगलुरु : कर्नाटक विधानसभा में पोर्न वीडियो देखे जाने के मामले की जांच कर रही विधानमंडल समीति ने मंत्रीपद गंवाने वाले तीनों विधायकों को बुलाने का फैसला लिया है। हालांकि विधानमंडल ने फुटेज को प्रसारित करने वाले टीवी चैनलों से भी सवाल-जवाब किए जिससे नया विवाद हो गया है। गुरुवार को फुटेज को प्रसारित करने वाले दो टीवी चैनलों के वरिष्ठ पत्रकार विधानमंडल कमेटी के समक्ष पेश हुए और सवालों का जवाब दिया।
हालांकि पत्रकारों को बुलाए जाने की मीडिया में काफी आलोचना भी हो रही है। मीडिया का मत है कि विधानमंडल जांच के नाम पर मीडिया पर तो सवाल कर रहा है लेकिन आरोपी विधायकों को बचा रहा है। जब पत्रकारों ने कमेटी के मुखिया श्रीशैलप्पा बिद्दौर से पूछा कि क्या आरोपी विधायकों लक्ष्मण सवदी, सीसी पाटिल और जे. कृष्णा पालेमर को भी कमेटी के समझ प्रस्तुत होने के लिए बुलाया जाएगा तो उन्होंने कहा कि ऐसा फैसला लिया गया है और जल्द ही वो भी कमेटी के सामने होंगे। अब कमेटी 8 मार्च को अगली बैठक करेगी। हालांकि यह साफ नहीं है कि विधायक कब पेश होंगे। तीनों ही विधायक विधानसभा अध्यक्ष के नोटिस का लिखित में जवाब दे चुके हैं। विधायकों के जवाब मिलने के बाद ही अध्यक्ष के जी बोपय्या ने जांच कमेटी को सौंपी थी।
गौरतलब है कि टीवी चैनलों पर प्रसारित फुटेज में लक्ष्मण सवदी को विधानसभा के अंदर पोर्न वीडियो देखते हुए दिखाया गया था। सीसी पाटिल भी उनके करीब में बैठे कर पोर्न का मजा ले रहे थे। जिस मोबाइल फोन पर वो ये वीडियो देख रहे थे वो पालेमर का था। विधानसभा में पोर्न देखे जाने के मामले की जांज के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया है जिसमें चार सदस्य बीजेपी दो कांग्रेस और एक जनता दल सेक्यूलर से है। (एजेंसी)






