प्रकाश की गति से तेज जाने वाली तकनीक विकसित होने पर हम भविष्य की सैर कर सकते हैं

Yashwant Singh : लंदन में वैज्ञानिक ब्रियान कोक्स ने ब्रिटिश विज्ञान उत्सव के दौरान कहा कि टाइम मशीन बनाई जा सकती है लेकिन इस मशीन के जरिए एक बार भविष्य में चले जाने के बाद वापस लौटना संभव नहीं है. टाइम मशीन की अवधारणा अल्बर्ट आइंस्टाइन के विशेष सापेक्षिता सिद्धांत पर आधारित है. इस सिद्धांत के अनुसार यदि हम ऐसी तकनीक विकसित कर लेते हैं जिसकी मदद से किसी बड़ी चीज को प्रकाश की गति से लाना या ले जाना संभव हो तो हम भविष्य की सैर कर सकते हैं.

    Acharya Sushil Gangwar आइंस्टाइन ka jugaad aliens se tha .
 
    Chandan Vishwakarma vo bhavishya vartmaan hi hoga na ji..
 
   विक्रम पंडित theory of relativity rocks
 
    Vinay Tyagi यानि हर पल या हर चीज जिन्दा या मुर्दा एक टुकड़ा है….है तो कितने टुकड़े जोड़े जायेगे….मैने नही सुना ईश्वरीय वेदो मे भी कही ये बताया हो..
   
   चन्द्र मणि चौहान क्या बात है यशवंत भाई यात्रा के बाद से वैज्ञानिकता की और अग्रसर हो : रही बात काल यात्रा की तो वैदिक मतानुसार तो शायद यह स्थूल शरीर कहीं नहीं जा सकता :
     
    Satyendra Pratap Singh इसका आविष्कार गोलवलकर जी ने किया था
     
    Swayam Sarvahara Travelling with the speed of light in the Universe? We all know how slow the light travels, right?
     
    Frank Huzur Future is the fog.
     
    Ved Prakash Agr neutron particle ko itna bda kr le ki koi manav uske andar ja sake to wo future me pahuch jayega..
     
    Aamir Khan yeh li jiyeh janab mein hi pehla esa banda hu jo ap ko science se related news de raha hu yeh lijyeh lapak lijiyeh दुनिया की सब से सस्ती लाइफ जैकेट डूबना अब नामुमकिन.. कहते हैं इंसान अगर निश्चय कर ले हर नामुमकिन काम मुमकिन हो जाता है। नगर के शासकीय कन्या हायर सेकेंड्री स्कूल में अध्य्यनरत कक्षा 10वी. की छात्रा राजकुमारी नागर ने एक ऐसी लाईफ जेकेट तैयार कर सबको हैरानी में डाल दिया http://httvnews.com/NewsDetail.aspx?id=1814#.UjjXkH-W6ho
   
    Shailesh Verma 5th 8th ki kitab me M.sc ka syllabus nahi milega…@Vinay Tyagi
    
    Pramod Tambat हो सकता है कभी ऐसी टेक्‍नालॉजी ईजाद हो जाए जिससे किसी ठोस चीज को प्रकाश की गति से फैका जा सके, जा़हिर है चूँकि मनुष्‍य भविष्‍य में जाना चाहता है तो मनुष्‍य को 2,14,300 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्‍तार से फैकना होगा मगर सोचने की बात है कि भविष्‍य होता क्‍या है? भविष्‍य जैसी किसी चीज़ का अस्तित्‍व है क्‍या दुनिया में ?
     
    Ved Prakash हाँ भविष्य जैसी चीज का वजूद है क्योँकि मानव वही सोचता है जो वह कर सकता है । ऐसा माना जाता है कि पहले के लोग भविष्य देख सकते थे फिर उन्होने हर एक के लिए ज्योतिष शास्त्र बनाया जिसकी बाते आज भी सही होती है । अगर कोई वहाँ पहुच जाए जहाँ प्रकाश नही पहुँचा हो और वहाँ से पृथ्वी कि ओर देखे तो वह भुतकाल मे घटित घटनाओ को देख सकता है चाहे महाभारत काल कि घटना हो या परसो कि घटना और उतनी दुर से पृथ्वी तक देखने के लिए हमे शक्तिशाली दूरबिन चाहिए होगी ।
    
    Anil Saumitra यशवंत जी! यह चौपाल की सबसे बड़ी सफलता है.

यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.

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