प्रकाश झा के मौर्य टीवी का यूपी बुलेटिन बंद, स्ट्रिंगरों को भी नहीं मिला पैसा

सामाजिक मुद्दों पर फिल्‍म बनाकर वाहवाही और पैसा दोनों कमाने वाले मशहूर फिल्‍म निर्देशक प्रकाश झा के चैनल मौर्य टीवी में ही यूपी के स्ट्रिंगरों का शोषण हो रहा है. चैनल अब यूपी से बोरिया बिस्‍तर भी समेटने की तैयारी कर रहा है. इसकी शुरुआत भी हो चुकी है. मौर्य टीवी पर चलने वाला यूपी बुलेटिन बंद कर दिया गया है, जिससे यह कयास लगाया जा रहा है कि मौर्य टीवी को केवल यूपी के विधानसभा चुनाव में कमाई करने के लिए लांच किया गया था.

यूपी में चैनल की लांचिंग से पहले स्ट्रिंगरों के दो बार साक्षात्‍कार भी लिए गए थे. एक बार पटना में और दूसरी बार लखनऊ में. चैनल के हेड मनीष झा ने स्ट्रिंगरों से बड़े-बड़े वायदे किए थे. उन्‍हें हसीन सपने दिखाए थे. महीने की तीन तारीख तक सभी की सेलरी-पैसे मिल जाने का आश्‍वासन भी दिया था, परन्‍तु छह से आठ महीने बीत चुके हैं स्ट्रिंगरों को फूटी कौड़ी तक नहीं मिली है. यूपी के कई स्ट्रिंगर नाम ना छापने की शर्त पर बताया कि उन लोगों से वायदे तो बहुत किया गया पर मिला कुछ नहीं. इनपुट से पूछने पर हर महीने के आखिर में पैसे मिल जाने की बात कही जाती है, पर आज तक महीने की आखिरी तारीख नहीं आया.

स्ट्रिंगर कहते हैं कि प्रकाश झा सामाजिक मुद्दों पर बहुत हिट फिल्‍म बनाते रहे हैं. शोषण-अन्‍याय के खिलाफ बड़े पर्दे पर लोगों को काफी कुछ दिखाया-सुनाया-बताया है. अगर झा जी मौर्य टीवी के स्ट्रिंगरों पर एक फिल्‍म बनाएं तो वो सुपर-डूपर हिट हो सकती है. और कमाई भी जबर्दस्‍त होगी. आखिर झा साहब मौर्य के सहारे कोई देश सेवा करने तो आए नहीं हैं, क्‍योंकि अब तो यही लग रहा है. साथ ही यूपी के स्ट्रिंगरों के साथ यह रवैया गवाही दे रहा है कि अपनी दुकान चलाने के लिए आदमी दिखाने की दांत और रखता है खाने की और. बहरहाल, यह तो रहा स्ट्रिंगरों का कथन. पर खबर यह है कि अब तक यूपी के तीन बु‍लेटिन चल रहे थे, जिन्‍हें घटाकर एक कर दिया गया है.

बताया जा रहा है कि दो दिनों से यह भी नहीं चल रहा है. हालांकि मौर्या से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बुलेटिन भले ही बंद हो जाएं, यूपी की खबरें समाचार बुलेटिनों में चलती रहेंगी. जब यूपी बुलेटिन बंद होने तथा स्ट्रिंगरों के पैसा बकाया होने के बारे में चैनल हेड मनीष झा से पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि यह सरासर गलत है कि स्ट्रिंगरों को पैसा नहीं मिला है. उन्‍होंने कहा कि स्ट्रिंगरों का छह से आठ महीने का बकाया नहीं है बल्कि तीन से चार महीने का पैसा बकाया हैं और ऐसा हर चैनल में हैं. जल्‍द ही पैसा दे दिया जाएगा. उन्‍होंने यूपी बुलेटिन बंद होने के संदर्भ में कहा कि यूपी चुनाव को ध्‍यान में रखकर हम तीन बुलेटिन प्रसारित कर रहे थे. अब इसे एक कर दिया गया है. हम यूपी चैनल को बंद नहीं कर रहे हैं.

 

 
 

 

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