यहां हम विनोद दुआ के लिखे का स्क्रीनशाट दे रहे हैं. कल को दुआ जी अपनी पोस्ट फेसबुक से हटा दें तो ये न कहा जा सके कि भड़ास वालों ने दुआ साहब की गलत भड़ास प्रकाशित की है… देखना है कि अपने गुस्से का विनोद दुआ सार्थक, यानि मीडिया में ट्रांसपैरेंसी लाने बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करते हैं या फिर अपने निज हित खातिर निहित स्वार्थी खुन्नस ही निकालते रह जाते हैं..






