प्रबंधन गुरु अरिंदम चौधरी से सीखिए असली ग्यारह गुरुमंत्र और बन जाइए धनी और पावरफुल

आदरणीय यशवंत जी, सादर प्रणाम, आपने द संडे इंडियन (प्लानमैन मीडिया) के पीड़ित पत्रकारों की आवाज को भड़ास पर उठाकर सराहनीय कार्य किया है और इसके लिए आप साधुवाद के पात्र हैं. आपके इस कदम का प्रभाव यह पड़ा है कि द संडे इंडियन प्रबंधन में खलबली मच गई है और तथाकथित प्रबंधन गुरु अरिंदम चौधरी के पिता मलय चौधरी पहली बार स्वंय नोएडा कार्यालय में अवतरित हुए. इसके बाद प्लानमैन मीडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी सुदीप गांगुली द्दारा शिकायतकर्ता पूर्व कर्मचारियों को फोन कर यह कहा जा रहा है कि आपको आपका पैसा तो किश्तों में दे दिया जाएगा लेकिन उसके लिए आपको यह लिखकर देना होगा कि हमने जस्टिस काटजू को कोई शिकायती पत्र नहीं लिखा.

एक जरूरी बात पर यहां ध्यान देना अत्यंत जरूरी है कि जो लोग अभी द संडे इंडियन पत्रिका में काम कर रहे हैं उनकी स्थिति दिन-ब-दिन बद से बदतर होती जा रही है क्योंकि उन्हें भी पिछले पांच माह का अपना वेतन नहीं मिला है और ऊपर से सोमवार दिनांक 18 मार्च 2013 को कुछ कर्मचारियों को एक ई-मेल के जरिए कार्यालय आने से संबंधित अति कठोर निर्देश जारी किए गए है जिनकी आड़ में कर्मचारियों का बकाया वेतन काट लेने की मंशा साफ नजर आती है.

इतना ही नहीं, कर्मचारियों से एकतरफा करारनामे पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए गए हैं और इस करारनामे में उन्हें बाध्य किया गया है कि वे जितने साल प्लानमैन मीडिया में नौकरी कर चुके हैं उन्हे इस्तीफा देने पर उतने ही महीनों का नोटिस देना होगा. खास बात यह है कि जिन लोगों ने एक साल एक महीने नौकरी की है उन्हें दो महीने का नोटिस देना होगा. हाल यह है कि जो लोग प्लानमैन मीडिया में छह साल से काम कर रहे हैं उन्हें छह महीने का नोटिस देना होगा. इस एकतरफा करारनामे के कारण कर्मचारियों की स्थिति बंधुआ मजदूरों और सूदखोर लाला के बकाएदारों जैसी हो गई है. न नौकरी करते बनती है और न छोड़ते. तंग आकर कुछ कर्मचारियों ने बजड़े वकीलों से संपर्क किया है जिनके अनुसार ऐसे कुकृत्य करने वाले मलिक और उसके चमचों को 6 साल कैद या 3 साल सश्रम कारावास का प्रावधान है.

द संडे इंडियन के कर्मचारियों का हाल तो ऐसा है कि मुंह में छछुंदर अटकी है निकाले तो मरे निगले तो मरे. हालात इतने खराब होते जा रहे हैं कि कर्मचारी धरना-प्रदर्शन की तैयारी में लगे हैं और जल्द ही यहां के कर्मचारी पत्रकार संगठनों और मजदूर संगठनों के साथ मिलकर जंत-मंतर पर धरना देने की योजना बना रहे हैं. यहां के पत्रकारों के हालत ऐसे हो चले हैं कि यहां जल्द ही किसी बड़ी घटना होने की संभावना है और इस घटना में सबसे ज्यादा खतरा ए संदीप और मृदु सिंह झाला को है क्योंकि यही दोनों लोग कर्मचारियों को लगातार एक साल से प्रताड़ित कर रहे हैं. कुछ कर्मचारी तो पूछने लगे हैं कि कब है होली- यह होली कहीं खूनी होली ना बन जाए.

प्रबंधन गुरु अरिंदम चौधरी से सीखिए 11 गुरुमंत्र—-

  • पांच महीने से कर्मचारियों को वेतन ना देने वाला कौन ?
  • अरिंदम चौधरी
  • कर्मचारियों से बंधुवा मजदूरों जैसे एकतरफा करारनामे पर जबरन हस्ताक्षर कराने वाला कौन ?
  • अरिंदम चौधरी
  • वेतन के कुछ लाख रुपये ना देने वाला और करोड़ों की इंपोर्टेड कारें खरीदने वाला कौन ?
  • अरिंदम चौधरी
  • अपने संस्थान में वेतन न देने वाला और वित्त मंत्री को वैकल्पिक बजट सुझाने वाला कौन ?
  • अरिंदम चौधरी
  • एक साथ सौ कर्मचारियों को निकालकर छह महीने तक उनका बकाया न देने वाला और बड़े अधिकारियों को लग्जरी कारें भेंट करने वाला कौन ?
  • अरिंदम चौधरी
  • बीमार कर्मचारियों को दवा के पैसे ना देने वाला और लॉस वेगास के पांच सितारा रिसोर्ट में करोड़ों रुपये खर्च कर जश्न मनाने वाला कौन ?
  • अरिंदम चौधरी
  • कर्मचारियों को खाने और बच्चों की परवरिश के पैसे ना देने वाला और बात-बात पर बॉलीवुड की हीरोइनों को बुलाकर उनकी कमर में हाथ डालकर नाचने वाला कौन ?
  • अरिंदम चौधरी
  • कर्मचारियों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाला और समाचार-पत्रों में करोड़ों के विज्ञापन देने वाला कौन ?
  • अरिंदम चौधरी
  • कर्मचारियों को वेतन न देने के बावजूद हर महीने उनके वेतन से "द ग्रेट इंडियन ड्रीम फाउंडेशन" के नाम पर पैसा काटने वाला कौन ?
  • अरिंदम चौधरी  
  • कर्मचारियों को वेतन ना देकर उनके बच्चों के स्कूल  से नाम कटने के लिए जिम्मेदार  और अपने कैंपस में किसी भी मुद्दे पर टीवी चैनलों की टीमें बुलाकर टॉक शो कराने के लिए कुछ ही घंटों में लाखों उड़ा देने वाला कौन ?
  • अरिंदम चौधरी
  • देश की शिक्षा प्रणाली को सुधारने के लिए सुझाव देने वाला और बिना किसी मान्यता के प्रबंधन की फर्जी डिग्रियां देने वाला कौन ?
  • अरिंदम चौधरी

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