प्रायोजित खबर के लिए विंदेश्‍वर पाठक ने नवदुनिया को दिए पांच लाख रुपये

बैतूल : पेड न्यूज की तरह आजकल स्टिंग आपरेशन एवं प्रायोजित खबरों को परोसने के चक्कर में भोपाल के एक दैनिक समाचार पत्र को पांच लाख रुपए इस बात के लिए दिए गए कि उसने वह प्रायोजित खबर को छापी थी। अपनी ससुराल में तथाकथित शौचालय न होने के कारण शादी के तीसरे ही दिन ही एक महिला मायके चली गई और शौचालय बनने के बाद ही ससुराल लौटी। झीटूढाना की इस आदिवासी महिला अनीता नर्रे को दिल्ली से आए सुलभ इंटरनेशनल के मुखिया विंदेश्वर पाठक ने प्रायोजित सम्मान किया। इस अवसर पर उसे दो लाख रुपए की सम्मान राशि दी गई, इसके अलावा दो लाख रुपए मकान और अन्य निर्माण के लिए दिए गए।

सुलभ इंटरनेशनल ने बीबीसी में इस खबर को लेकर अपनी ओर से अनिता नर्रे को पांच लाख रुपए देने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में झीटूढाना में एक समारोह में अनीता नर्रे के घोषित राशि में कटौती करके उसका सम्मान किया गया। सुलभ इंटरनेशनल के प्रमुख बिन्देश्वर पाठक इस बात का कोई जवाब नहीं दे सके कि जब देश के केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री जयराम नरेश गांवों में सुलभ शौचालय की जगह मोबाइल की बातें करते हैं तब इस प्रायोजित स्टोरी का क्या औचित्य है। श्री पाठक ने मंत्री जी को ही खरी-खोटी सुना दी। जिला मुख्यालय से करीब 58 किमी दूर भीमपुर ब्लॉक के ग्राम झीटूढाना में कुछ गिने-चुने ग्रामीण और अनीता के परिजन के बीच श्री पाठक ने श्रीमती अनिता नर्रे को अपनी कंपनी सुलभ इंटरनेशनल का ब्राड अम्‍बेसडर बनाने की बाते कहीं लेकिन उसके लिए महिला को क्या राशि दी जाएगी या उसके साथ कोई अनुबंध किया जाएगा इस सवाल का जवाब नहीं दे सके।

यहां सुलभ संस्था के प्रमुख विंदेश्वर पाठक ने अनीता नर्रे को 2 लाख रुपए का ड्राफ्ट दिया। श्री पाठक ने कहा कि अनीता को 2 लाख रुपए अतिरिक्त दिए जा रहे हैं जिससे वह अपना घर और बाथरूम बना सकें। उन्होंने बताया कि समग्र स्वच्छता अभियान के लिए मिसाल बनी अनीता नर्रे को अप्रैल माह में दिल्ली में सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में 5 लाख रुपए का पुरस्कार एवं प्रशंसा पत्र प्रदान किया जाएगा। श्री पाठक ने कहा कि महिलाओं को जागरुक होना चाहिए। झीटूढाना में उन्होंने संस्था की ओर से बालिकाओं के स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण केंद्र खोलने की घोषणा भी की। कार्यक्रम में जिला प्रशासन एवं जिला पंचायत की ओर से कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था। अनिता के परिजनों खासकर मायके एवं ससुराल वालों ने स्वीकार किया कि वे आज भी गांव में शौच के लिए बाहर जाते हैं। गांव में सुलभ शौचालय बन जाने के बाद भी गांव से बाहर शौच के लिए जाने की क्रिया को अनिता के परिजन अपनी दिनचर्या बताते हैं। उनका कहना है कि गांव में घर-घर में सुलभ शौचालय खुल जाने के बाद भी लोग गांव के बाहर सुबह और शाम शौच के लिए जाते है।

पत्रकारो के बार-बार टोकने पर श्री पाठक ने आखिर उस छुपे हुए रहस्य पर से पर्दा हटाते हुए स्वीकार किया कि इस प्रायोजित खबर के लिए दैनिक नवदुनिया भोपाल को पांच लाख रुपए सशर्त दिए जाएंगे, ताकि नवदुनिया उसमें से आधी रकम उस खबर को बनाने वाले संजय शुक्ला को तथा फोटोग्राफर को भी पच्चीस हजार रुपए मिले। बैतूल आए सुलभ इंटरनेशनल के प्रमुख बिन्देश्वर पाठक ने कहा कि केन्द्रीय मंत्री जयराम नरेश की नकारात्मक सोच के चलते कई उद्योग एवं परियोजनाओं का दम निकल गया। इस बार भी वे शौचालय की तुलना मोबाइल से करके समग्र स्वच्छता अभियान का पलीता निकाल रहे हैं।

लेखक रामकिशोर पंवार पत्रकारिता से जुड़े हुए हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *