प्रेस कांफ्रेंस में रोने वाले संजय दत्‍त ने दायर की पुनर्विचार याचिका

नई दिल्ली : बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त ने 1993 मुंबई बम विस्फोट में आर्म्स एक्ट में दोषी करार देने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। संजय दत्त को 1993 के मुंबई बम विस्फोट से जुड़े मामले में 21 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने पांच वर्ष के जेल की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने संजय दत्त को एके-56 राइफल, मैगजीन,कारतूस और हैंड ग्रैनेड रखने का दोषी माना था। इसके पहले संजय दत्‍त ने एक प्रेस कांफ्रेंस में किसी प्रकार की याचिका दायर न करने की बात कही थी, परन्‍तु पहले उन्‍होंने समर्पण में राहत याचिका दायर की अब पुनर्विचार याचिका दायर की है। 

गौरतलब है कि संजय दत्त को 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में शस्त्र अधिनियम के तहत 42 महीने की शेष सजा काटनी है। संजय पहले ही डेढ़ वर्ष जेल में बिता चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार उन्हें बाकी साढे़ तीन साल की सजा काटनी है। संजय दत्‍त की सजा माफी को लेकर जस्टिस काटजू के नेतृत्‍व में पूरा बालीवुड एकजुट हो गया था, जिसके बाद सवाल उठने लगे थे कि क्‍या अमीरों और गरीबों के लिए कानून अलग अलग काम करेगा। 

हालांकि पुनर्विचार याचिका से पहले बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त को सुप्रीम कोर्ट ने आंशिक राहत प्रदान करते हुए शेष सजा काटने के लिए समर्पण करने के लिए ‘मानवीय’ आधार पर चार हफ्ते का वक्त और दे दिया है। उन्हें यह राहत जेल अधिकारियों के समक्ष अपने सरेंडर की समय सीमा खत्म होने से एक दिन पहले मिली है। इस 53 वर्षीय अभिनेता ने अपनी सात फिल्मों की शूटिंग पूरी करने के नाम पर सरेंडर के लिए छह महीने का वक्त और मांगा था। निर्माताओं ने इन फिल्मों में 278 करोड़ रुपए लगा रखे हैं। शीर्ष अदालत ने उनके द्वारा किए गए आग्रह को मानवीय आधार पर स्वीकार कर लिया, लेकिन स्पष्ट किया कि इसके बाद आगे और कोई समय नहीं दिया जाएगा। संजय दत्त के सरेंडर की समय सीमा 18 अप्रैल को खत्म होने वाली थी।

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