प्रेस क्लब आफ इंडिया की मेंबरशिप देने के लिए पैसे लेने वालों को हराओ

Yashwant Singh : प्रेस क्लब आफ इंडिया में कल वोट पड़ेंगे. यहां जो लोग सत्ता में हैं, उन्हीं का पैनल जीतता हुआ दिखाई पड़ रहा है. लेकिन इस पैनल के लोगों पर कई गंभीर आरोप है. सबसे गंभीर आरोप है पैसे लेकर नए मेंबर बनाने का. खुद मुझसे भी एक पत्रकार ने पैसे मांगे थे प्रेस क्लब का मेंबर बनाने के लिए. राजीव शर्मा से भी एक मैनेजिंग कमेटी मेंबर ने पैसे मांगे थे सदस्य बनाने के लिए.

जब हम लोगों ने पैसे नहीं दिए तो हमारे आवेदन को निरस्त कर दिया गया. कम से कम मैंने तो आवेदन की सारी औपचारिकताएं पूरी कर रखी थीं. मैं दो अखबारों के लिए दिल्ली में काम करता हूं. एक में सलाहकार के बतौर और एक में विशेष संवाददाता के बतौर. दोनों ही अखबारों के लेटर आदि आवेदन के साथ लगा दिए थे. लेकिन जब पैसे की मांग की गई तो मैंने देने से मना कर दिया. ऐसे में प्रेस क्लब के लोगों ने कई तरह की अड़चन पैदा करके मेरे आवेदन को निरस्त करा दिया.

जब इस तरह के भ्रष्टाचारी लोग प्रेस क्लब के मैनेजिंग कमेटी में या पदाधिकारी पद पर रहेंगे तो प्रेस क्लब का भगवान मालिक है. वैसे भी प्रेस क्लब का असली मालिक भगवान ही है क्योंकि लोगों ने प्रेस क्लब को अब पूरी तरह दारू का अड्डा बना डाला है. अराजक और असामाजिक तत्वों का प्रेस क्लब में बोलबाला रहता है. ऐसी स्थिति में वोटिंग को लेकर सतर्क रहें और नए लोगों को मौका दें. ये दो लिंक हैं, इन्हें पढ़ लें…

http://bhadas4media.com/edhar-udhar/18667-2014-03-28-07-35-38.html

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http://bhadas4media.com/article-comment/18666-2014-03-28-07-22-01.html

भड़ास के एडिटर यशवंत सिंह के फेसबुक वॉल से.


उपरोक्त स्टेटस पर आए कुछ कमेंट इस प्रकार हैं…

Nevil Clarke Desh mai sab jagah chor hi chor hai

Awadhesh Kumar आपको तो भडास के आधार पर ही सदस्यता मिल जानी चाहिए
 
Yashwant Singh Awadhesh Kumar सर मेरा आवेदन तो पैसे न देने और भड़ास चलाने के कारण ही खारिज कर दिया गया एक वजह ये भी था कि भड़ास वाला मेंबर बन जाएगा तो सारी पोल पट्टी रोज लिखेगा, वैसे तो कभी कभार दारू पीने आता है.. 🙂
 
Ramanjit Singh यशवंत भाई, चंडीगढ़ प्रेस क्लब में भी 30 को मतदान है…
 
Surendra Grover प्रेस क्लब की सदस्यता के नाम पर आपसे जिस पत्रकार/पदाधिकारी ने पैसे मांगे उसका नाम सामने लाइए…
 
Yashwant Singh Surendra Grover जी. मेरे पास कोई प्रमाण नहीं है, क्योंकि उन्होंने पैसे मांगे इशारे से और मैंने नहीं दिया. बस. अगर कोई रिकार्डिंग या स्टिंग वगैरह होता तो जरूर सामने ला देता… हां, इतना शर्तिया कह सकता हूं कि नए लोगों को मेंबरशिप देने में बड़े पैमाने पर पैसे की उगाही की गई है जिसमें उपर से नीचे तक सभी लोग शामिल प्रतीत होते हैं
 
Awadhesh Kumar इसका समुचित उपचार करना होगा
 
Akhilesh Akhil ek dalalnuma patrakar ne hamse bhi kaha thaa ki kuchh kharcha kare to member ban jaye. mai paise kaha se lata. pichhe hat gaya.
 
Yashwant Singh मेरे एक मित्र हैं, उन्होंने तो बाकायदे तीस हजार रूपये मैनेजिंग कमेटी के एक मेंबर को दिए और सदस्यता ले ली. उन्होंने पैसे देते हुए वीडियो भी बना लिया. पर वो इस वीडियो को पब्लिक डोमेन में नहीं डालते. उनका कहना है कि वीडियो छुपा कर रखा जाना ज्यादा डराता है पैसे लेने वाले को, पब्लिक डोमेन में डाल देने पर तो केवल एक बार कस कर चर्चा होगी और सब लोग उसे भूल जाएंगे. मतलब कि वो पत्रकार अब जिंदगी भर डरता रहेगा कि उसका पैसे लेते हुए स्टिंग हो चुका है. मित्र ने वो स्टिंग वाला वीडियो मुझे दिखाया है, इस कसम के साथ कि कभी किसी को आरोपी का नाम न बताऊं. सो, यहां भी वादे से बंधा हूं, इसलिए नाम नहीं बता रहा. पैसे लेने वाले पत्रकार महोदय सीनियर हैं और अंग्रेजी पत्रकार हैं. मुझे बहुत आश्चर्य हुआ. इस वीडियो में वो कह रहे हैं कि ये पैसा पदाधिकारियों में बंटता है.

Kamlesh Sharma Aap bhadas ke members ka club banaiye..online voting..
 
T Kamaal Khan Aap sahi keh rahe hai Yaswant ji….mene bhe press club ki membership ke liye try kiya tha lakin nhe hue…kher aap ek nya club bnaye imandar or acchi chawi ke hum aapke satg hai….iske liye jo kharcha hoga sath mil kar kar lenge….
 
Akhilesh Akhil paise lenden tak hi mamla nahi hai. darjan bhar aise bhai ko mai janta hu jo press club ke sadasya hai lekin patrakarita unka pesha nahi hai.

Trilochan Rakesh डर गए गुरू ।

Anil Attri और गालियां बेचारे नेता खाते हैं….
 
Shravan Kumar Shukla सही कहा… सब एक से बढ़कर एक हरामखोर लोग हैं वहां… अड्डेबाजी के अलावा किसी चीज से मतलब नहीं है उन्हें…

Pradeep Sharma बहुत बड़ा घोल माल है यहाँ…
 
Akhilesh Akhil ghalmel to puri ptrakarita me hi hai.
 
Pradeep Sharma Akhilesh Akhil सर ये भी बात है की गंदे लोगो के साथ अच्छे लोग भी पिस रहे है क्यों की उनके पास कोई रास्ता ही नहीं या तो जॉब छोड़े या कोई दूसरा काम ढूढे शायद खुलासा करने के या टकराने के बजाय ये रास्ता उनको अआसान लगता है।
 
Kamlesh Kumar Singh ''Press Club If Bhadas'' ke bare me ka Vichar h…………Rajya kya Prakhand leval par membership chala jaye….
 
Devang Rathore सर बरेली प्रेस क्लब के भी यही हालात हैं ।
 
Mohd Kamran LUCKNOW PRESS CLUB to sirf PARIVAARIK hi hai…Memebers kab bante hai aur hisaab kitaab kya hai…ALLAH Malik..
 
Anzar Pasha tabhi to journalist ki kahin qadr nahi.

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