फर्जी इंपेक्‍ट व गलत खबरें छाप रहा बठिंडा भास्‍कर

 

दैनिक भास्‍कर की बठिंडा यूनिट के बठिंडा सिटी एडिशन में एक तरफ गलतियों की भरमार है तो दूसरी तरफ अखबार का दम दिखाने के चक्‍कर में फर्जी इंपेक्‍ट लिया जा रहा है। सिटी टीम में पहले ही रिपोर्टरों का टोटा हो रखा है, ऐसे में काम के बोझ से भारी मानसिक दबाव में काम कर रहे पञकारों से खबर लिखने में गलतियां हो रही हैं। 27 जुलाई के अंक में रिपोर्टर गुरप्रेम लहरी के नाम से छपी कारगिल शहीद संदीप सिंह व कैप्‍टन अजय आहूजा की खबर में रिपोर्टर ने अजय आहूजा की पत्‍नी अलका आहूजा को शहीद संदीप सिंह की पत्‍नी बता दिया। 
 
खबर पढ़कर साफ पता चलता है कि रिपोर्टर जब शहीद अजय आहूजा के बारे में लिखने लगा तो दो लाइनों के बाद वह फिर संदीप सिंह के बारे में लिखने लगा और बाद में तो अविवाहित संदीप सिंह को अलका आहूजा का पति बता दिया। हैरानी है कि यह खबर आगे डेस्‍क पर गई और फिर छप भी गई। इतनी भारी भरकम फौज के बावजूद गलती पर किसी का ध्‍यान नहीं गया। अगले दिन जब अखबार बाजार में गया तो खबर पढ़कर लोगों ने इसकी खूब थूथू की। कई पाठकों ने पत्रकार व सिटी इंचार्ज को फोन कर शहीदों का अपमान करने पर लताड़ भी लगाई। 
 
उधर, खुद को तीस मार खां साबित करने के चक्‍कर में भास्‍कर फर्जी इंपेक्‍ट प्रकाशित कर रहा है। 24 जुलाई को स्‍थानीय निकाय विभाग की विजिलेंस टीम ने यूनीपोल गड़बड़ी मामले में छापामारी की तो 25 जुलाई को दैनिक जागरण व दैनिक सवेरा ने उसे प्रकाशित किया। भास्‍कर की यह खबर छूट गई। अगले दिन सिटी इंचार्ज नरिंदर शर्मा ने 26 जुलाई के अंक में इसे प्रकाशित किया। जो कि एक फालोअप था। इसके बाद 3 अगस्‍त को इसका इंपेक्‍ट लेते हुए दावा किया कि भास्‍कर की 26 जुलाई की खबर पर इंपेक्‍ट हुआ। इसको लेकर बाजार में भास्‍कर की साख लगातार गिरती जा रही है। वहीं, भास्‍कर के अंदरुनी सूत्रों के मुताबिक जल्‍द ही यहां कुछ फेरबदल की तैयारी है ताकि बठिंडा भास्‍कर में कुछ सुधार हो सके। पिछले कुछ दिनों से लिए गए फैसलों से लगातार ऐसी संभावना जताई जा रही है।

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