फर्जी कार्ड पर यात्रा मामला : कई और पत्रकार संदेह के घेरे में

लखनऊ। फर्जी मान्यता प्राप्त पत्रकार का प्रेसकार्ड बना कर रेलवे की आंखों में धूल झोंकने वाले चारों पत्रकार अब अपने ही बुने हुए जाल में बुरी तरह फंस गये है। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन ने बुधवार को फर्जी पत्रकारों पर और शिंकजा कस दिया है। सूचना विभाग की रिपोर्ट मिलने के बाद रेलवे की ओर से चारों के खिलाफ जीआरपी चारबाग में धोखाधड़ी व फर्जी कागजातों से लाभ प्राप्त करने के मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है। इस रैकेट में शामिल दर्जनों पत्रकार संदेहे के घेर में आ गये है। इसको लेकर रेलवे ने चारबाग रेलवे स्टेशन से जारी किये गये ‘संवाददाता कार्ड’ की जांच-पड़ताल शुरू करा दी है।

उल्लेखनीय है कि जालसाजों ने फर्जी मान्यता प्राप्त पत्रकार का परिचय पत्र बनवा कर रेलवे से ‘संवाददाता कार्ड’ जारी करा लिया था। इस कार्ड पर फर्जी पत्रकारों ने लाखों रुपये की रेल यात्रा कर डाली। चारबाग रेलवे स्टेशन पर इसका खुलासा होने के बाद रेल अधिकारियों में बैचेनी बढ़ गयी थी और इनका सत्यापन कराने के लिए सूचना विभाग को पत्र लिखा था। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक नीरज शर्मा ने बताया कि रेलवे ने चारों फर्जी पत्रकारों की मान्यता के बारे में सूचना विभाग से सत्यापन के लिए पत्र लिखा था। सूचना निदेशालय व जिला सूचना कार्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए चारों पत्रकारों की मान्यता प्राप्त प्रेसकार्ड की जांच कराया।

विभाग ने बुधवार को रेलवे को भेजी गयी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है कि मुख्यालय व जिला सूचना कार्यालय के अभिलेखों में चारों पत्रकारों का नाम ही नहीं है। इन लोगों ने फर्जी प्रेसकार्ड बनवाकर रेलवे से संवाददाता कार्ड जारी करा लिया। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए चारों फर्जी पत्रकारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्देश दिया। चारबाग रेलवे स्टेशन के मुख्य बुकिंग पर्यवेक्षक विजय राकेश चन्द्रा ने बुधवार की शाम जीआरपी चारबाग में फर्जी पत्रकार महेन्द्र प्रताप, परिचय पत्र संख्या 211, ऊर्जा टाइम्स, सुधांशु विश्वकर्मा, परिचय पत्र संख्या 641, जनजागरण, अरविन्द कुमार श्रीवास्तव, परिचय पत्र संख्या 642, जंग लहर और अब्दुल करीम, परिचय पत्र संख्या 1010, लहर टाइम्स के खिलाफ धोखाधड़ी व व फर्जी कागजातों से लाभ प्राप्त करने के मामले में नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी है। इस रैकेट में शामिल दर्जनों फर्जी पत्रकार संदेह के घेरे में आ गये है। बहरहाल, उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन फर्जी पत्रकारों के रैकेट का पर्दाफाश कराने के लिए चारबाग रेलवे स्टेशन से जारी किये गये संवाददाता कार्डों की जांच शुरू करा दी है।

               फर्जी पत्रकारों का मामला भेजा जाएगा उत्तर रेलवे मुख्यालय

लखनऊ। मान्यता प्राप्त पत्रकार का फर्जी प्रेसकार्ड बनाकर आधे किराये में रेलवे का सफर करने वाले चारों जालसाजों के मामले को उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जालसाजों पर अंकुश लगाने के लिए पूरे प्रकरण की रिपोर्ट उत्तर रेलवे मुख्यालय (दिल्ली) भेजी जा रही है, वहीं लखनऊ व वाराणसी स्टेशनों के बुकिंग पर्यवेक्षकों को गहन जांच के बाद ही संवाददाता कार्ड जारी करने के निर्देश दिये गये हैं। दूसरी ओर पुलिस अधीक्षक रेलवे ज्ञानेश्वर तिवारी ने जालसाजों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिये हैं।

उल्लेखनीय है कि जालसाजों ने फर्जी मान्यता प्राप्त पत्रकार का परिचय पत्र बनवा कर रेलवे से ‘संवाददाता कार्ड’ जारी करा आधे किराये में ट्रेनों में सफर किया है। सूचना विभाग ने जांच के बाद चारों पत्रकारों को फर्जी बताया। इसके बाद चारबाग स्टेशन के मुख्य बुकिंग पर्यवेक्षक ने इन जालसाजों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट जीआरपी चारबाग में दर्ज करायी। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक नीरज शर्मा ने बताया कि जालसाजी के इस मामले को गंभीरता से लिया गया। जालसाजों पर अंकुश लगाने के लिए पूरे प्रकरण की रिपोर्ट उत्तर रेलवे मुख्यालय (दिल्ली) भेजी जा रही है, ताकि रेलवे से जारी होने वाले ‘संवाददाता कार्ड’ पर फर्जीवाड़ा रोकने के लिए ठोस कदम उठाया जा सके। उन्होंने बताया कि चारबाग व वाराणसी रेलवे स्टेशनों के मुख्य बुकिंग पर्यवेक्षकों निर्देश दिया गया है कि गहन जांच के बाद संवाददाता कार्ड जारी किये जाएं। संदेह होने पर सूचना विभाग से प्रेसकार्ड का सत्यापन कराने के बाद ही संवाददाता कार्ड जारी करें। साभार : रास

 

 

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