बंगाल से प्रकाशित प्रभात वार्ता होगा बंद, प्रदर्शन करेंगे पत्रकार

लगभग एक साल पहले बड़े जोर शोर से कोलकता और सिलिगुडी से शुरू हुए शारदा ग्रुप ऑफ कंपनीज के हिंदी अखबार 'प्रभात वार्ता' को लेकर बुरी खबर आ रही है. लगातार हो रहे घाटे को देखते हुए इसके मालिक ने एक अप्रैल से अखबार के बंद करने की घोषणा कर दी है. इस संबंध में सभी स्टाफ को भी बता दिया गया है. उन्‍हें 31 मार्च तक का नोटिस भी दे दिया गया है. अखबार के बंद होने की घोषणा के बाद से संपादक रविशंकर का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया है.

रवि शंकर पिछले वर्ष भागलपुर हिन्दुस्तान छोड़ कर बतौर संपादक इस अखबार लांच कराने कोलकता पहुंचे थे. तब उनके साथ हिन्दुस्तान के साथ ही प्रभात खबर भागलपुर के कुछ लोग भी जुड़े थे. सिलीगुड़ी से लांचिंग के समय कुछ लोग जागरण से निकलकर भी इस अखबार से जुड़े थे. खबर है कि इस समूह के उर्दू अखबार 'आजाद हिंद' और अंग्रेजी अखबार 'बंगाल पोस्‍ट' को भी बंद किए जाने की सूचना आ रही है. प्रबंधन के इस फैसले से कर्मचारियों में गहरी निराशा है.

नोटिस मिलने के बाद हतप्रभ लगभग दो सौ कर्मचारी आंदोलन करने के मूड में हैं. कर्मचारियों की मांग है कि प्रबंधन उन लोगों को तीन महीने की सैलरी दे, परन्‍तु प्रबंधन ने अभी तक कुछ भी स्‍पष्‍ट नहीं किया है. कर्मचारियों का आरोप है कि उन लोगों के पीएफ के नाम पर पैसे काटे गए परन्‍तु न तो पीएफ जमा किया गया और ना ही पैसे जमा किए गए. खबर है कि कर्मचारी कोलकाता में आंदोलन की रणनीति तैयार कर रहे हैं. वे शुक्रवार से ही हड़ताल करने वाले हैं.

कर्मचारियों का कहना है कि वे न केवल हड़ताल करेंगे बल्कि शारदा ग्रुप ऑफ कंपनीज के अन्‍य प्रतिष्‍ठानों को ठप कराने का प्रयास करेंगे. उनका कहना है कि जब तक हमलोगों को तीन महीने की सैलरी और पीएफ का पैसा नहीं मिल जाता हम आंदोलनरत रहेंगे. बताया जा रहा है कि कंपनी के अचानक लिए गए फैसले से कम से कम दो सौ लोग प्रभावित हुए हैं. इनमें से ज्‍यादातर हिंदी प्रदेशों के अखबार से इस्‍तीफा देकर कोलकाता और सिलीगुड़ी पहुंचे थे.

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