Samar Anarya : आप एक आदमी पर आरोप लगा कर गायब हो जाते हैं. ऐसा आरोप जिसके आपके मुताबिक़ सबूत आप खुद मिटा देते हैं. फिर आप उसके ऊपर वो आरोप लेकर गली गली घूमते हैं. वह आरोप जिन्हें न आप सच साबित कर सकते हैं, न वह आदमी झूठ. कहा था उसने, बार बार निजी बातचीत में रोते हुए कि ये आरोप झूठे हैं पर मैं साबित कैसे करूँ समर? मैं आत्महत्या कर लूँगा. मुझसे ही नहीं, तमाम और दोस्तों से.
बधाई हो टीम बूँद… बधाई हो तमाम कामरेड्स जो अदालत नहीं जाकर उसके बलात्कारी होने को स्वतः सिद्ध मान कर उसके खिलाफ कैम्पेन चला रहे थे.. अभी सुबह के आपके स्टेटस की और अब श्रद्धांजलि की भी बधाई हो प्रोफ़ेसर साहब. पर कामरेड खुर्शीद… इस मामले में सिर्फ न्याय के लिए लड़ रहे हम लोगों को सिर्फ आपने हराया है. सिर्फ आपने.
Samar Anarya : कितने बेशर्म और बेहया हैं आप जिन्होंने उसकी जिंदगी में न उसे अपनी बेगुनाही साबित करने का मौका दिया न उसका गुनाह साबित किया और अब आत्महत्या को अपराध की स्वीकारोक्ति बता रहे हैं. काश आपको पता होता कि लोग ब्रेकअप जैसी वजह पर भी आत्महत्या कर लेते हैं. काश.. ये आत्महत्या नहीं एक इंसान का क़त्ल है बेगैरतों और उसका खून तुम्हारे सर पर है.
अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारवादी अविनाश पांडेय समर के फेसबुक वॉल से.
मूल खबर…
इंडिया टीवी के चरित्र हनन अभियान से दुखी होकर सोशल एक्टीविस्ट खुर्शीद अनवर ने आत्महत्या कर ली






