बस्‍ती में फर्जी पत्रकारों की बाढ़, कई चैनलों की आईडी लेकर कर रहे वसूली

मीडिया में बढ़ते ग्लैमर को देखते हुये पत्रकारों की बाढ़ सी आ गई है। पत्रकारों की इस भीड़ में कुछ तथाकथित पत्रकार अपनी रोटियां सेंकने में लगे हुये हैं। बस्ती जिला भी कुछ फर्जी पत्रकारों के काम से बदनाम हो रहा है। इसलिये जरूरत है उन्हें रोकने की। इन दिनों एक बड़े चैनल की आईडी लेकर तथाकथित पत्रकार ने वसूली की सारी सीमाओं को पार कर दिया है। कुछ दिन पूर्व यह फर्जी पत्रकार लोकल चैनल में भी वसूली की थी, मगर अब वह चैनल बंद हो जाने के बाद बड़े चैनल के एक सीनियर पत्रकार ने उसे माईक आईडी थमा दी है।

गौरतलब है कि उक्त सीनियर पत्रकार काफी बुजुर्ग हो चुका है और उसे इलेक्ट्रानिक मीडिया के बारे में किसी प्रकार की जानकारी तक नहीं है। चैनल में अच्छी पकड़ के कारण इस सीनियर पत्रकार ने सबकुछ मैनज कर रखा है। मगर इस फर्जी पत्रकार को जब से उन्‍होंने बड़े चैनल की माईक आईडी दी है तक से वह पचासों हजार की वसूली कर चुका है। हद तो तब हो गई जब उसने चैनल की माईक आईडी दिखाकर ब्लात्कार पीडि़ता से भी 500 रुपये वसूल लिये। क्या करें ऐसे पत्रकारों को संरक्षण देने वाले भी तो कुछ कम नहीं, कांग्रेस के सांसद के नम्‍बर वन चापलूस जो ठहरें।

खैर छोडि़ये, अब आपको हाल ही में कांग्रेस के एक बड़े नेता बसंत चौधरी के पास वसूली करने गये पत्रकार के बारे में भी बताते हैं। फलाने गुप्ता नाम के एक ओवरआल फर्जी पत्रकार एक न्यूज चैनल के नाम पर वसूली करने पहुंचा। फिर क्या था नेता जी उस चैनल के असली संवाददाता से वाकिफ थे, सो उन्होंने इस फर्जी पत्रकार को धिक्कारते हुये भगा दिया। इस तरह के जिले में दर्जनों फर्जी पत्रकार घूम रहे हैं। लेकिन न ही सूचना विभाग इनकी सुधि ले रहा और न ही जिला प्रशासन। भड़ास के माध्यम से मैं जिले में पत्रकारिता के पेशे को बदनाम कर रहे ऐसे फर्जी पत्रकारों की सच्चाई को दुनिया के सामने रखना चाहता हूं।

बस्ती से पत्रकार सतीश श्रीवास्तव की रिपोर्ट. सतीश से संपर्क 9889557333 या satishsrivastava23@gmail.com के जरिए किया जा सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *