बारह घंटे तक चले ड्रामा के बाद लड़की अपने बयान से पलटी और पूर्व सांसद छूट गए

शाहजहांपुर। चलती ट्रेन में एक आइएएस द्वारा लड़की से छेड़छाड़ के बाद अब एक पूर्व सांसद भी वैसी ही हरकत कर बैठे। अपने गनर व दस साथियों के साथ जबरन कोच में घुसे मछली शहर के पूर्व सांसद चंद्रनाथ सिंह ने भाई के साथ दिल्ली जा रही एक लड़की से छेड़छाड़ शुरू कर दी। लड़की की शिकायत पर शाहजहांपुर में जीआरपी ने पूर्व सांसद को गिरफ्तार कर लिया। आरोप था कि वह शराब के नशे में थे। जीआरपी ने उन्हें जांच के लिए अस्पताल भिजवाया तो वह सीने में दर्द बताकर भर्ती हो गए।

इस बीच सत्ता का दबाव पड़ना शुरू हुआ तो जीआरपी भी नरम पड़ने लगी। दोपहर में जीआरपी ने यह कहते हुए उन्हें छोड़ दिया कि लड़की ने तहरीर वापस ले ली है और डीएम के कार्यालय में इसका फैक्‍स आ गया है। मछली शहर के सपा के पूर्व सांसद चंद्रनाथ सिंह (62) पुत्र लोकनाथ सिंह प्रतापगढ़ के भगेसरा गांव के रहने वाले हैं। बीती रात वह दिल्ली जा रही पदमावत एक्सप्रेस में मछली शहर से अपने गनर व दस अन्य साथियों के साथ सवार हुए थे। टिकट कंफर्म न होने के बावजूद वह एचए-1 एसी फर्स्‍ट कोच में घुस आए। आरोप है कि वह शराब के नशे में धुत थे। सीट न मिलने पर वह भाई के साथ दिल्ली जा रही प्रतापगढ़ की एक लड़की के ऊपर गिर गए। लड़की और उसके भाई ने एतराज किया तो सांसद ने उसके साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी। लड़की ने इसकी इत्तिला टीटी को दी।

टीटी ने कंट्रोल रूम को इंफार्म किया तो हरदोई पहुंचते ही एसओ हरदोई जीआरपी सिपाहियों के साथ कोच में आ गए। लड़की ने सारी घटना बताई तो एसओ ने उससे तहरीर देने को कहा। तब ट्रेन हरदोई स्टेशन से चल दी। चलती ट्रेन में ही लड़की ने एसओ हरदोई जीआरपी को तहरीर लिख कर दी। जिस पर शाहजहांपुर स्टेशन पहुंचते ही एसओ हरदोई जीआरपी ने उन्हें अरेस्ट कर एसओ शाहजहांपुर जीआरपी सत्यप्रकाश यादव के सुपुर्द कर दिया। तहरीर भी एसओ शाहजहांपुर को दे दी। इसके बाद जीआरपी उन्हें मेडिकल मुआयना के लिए रात दो बजे जिला अस्पताल ले गई। जहां वह सीने में दर्द बताकर भर्ती हो गए।

इस घटना से सत्ता पक्ष के नेताओं में हड़कंप मच गया। दिल्ली से लेकर लखनऊ तक नेताओं के फोन खटक गए। नतीजन जीआरपी दबाव में आकर लड़की पर दबाव बनाने लगी। लेकिन लड़की अपने भाई के साथ दिल्ली निकल गई। इस बीच लड़की के नाम पते पर संपर्क कर प्रतापगढ़ में उसके परिजनों पर दबाव बनाया गया। दोपहर में एसओ शाहजहांपुर जीआरपी ने यह कहते हुए पूर्व सांसद को बाइज्जत छोड़ दिया कि लड़की ने अपनी तहरीर वापस ले ली है। एसओ ने बताया कि लड़की द्वारा भेजा गया फैक्स जिलाधिकारी कार्यालय पर आ गया है। सवाल उठता है कि रात 12 बजे से दोपहर 12 बजे तक 12 घंटे तक जीआरपी ने मुकदमा क्यों नहीं दर्ज किया। बिना टिकट यात्रा करने के लिए भी उन पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई।

सत्ता के दबाव में 12 घंटे तक ड्रामा : संसद में महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों के खिलाफ बिल पेश हो जाने के बाद भी कानून के रक्षकों के रवैये पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। चलती ट्रेन में सपा के पूर्व सांसद द्वारा लड़की से छेड़छाड़ की घटना के बाद रात 12 बजे शाहजहांपुर में जीआरपी ने उन्हें गिरफ्तार तो कर लिया, लेकिन तहरीर मिलने के 12 घंटे बाद सोमवार दोपहर 12 बजे तक रिपोर्ट दर्ज नहीं की। दरअसल जीआरपी को जैसे ही पता चला कि पकड़ा गया व्यक्ति सपा का बड़ा नेता है, उनके हाथपांव फूल गए। तब तक सत्ता के बड़े नेताओं के भी फोन खड़कने लगे थे। नतीजन जीआरपी भी समझौते के दबाव में जुट गई और नतीजा आरोपी सांसद के पक्ष में गया।

‘‘सीट को लेकर विवाद हुआ था। छेड़छाड़ की कोई घटना नहीं हुई। मैं बासठ साल का व्यक्ति हूं। लड़की ने अपनी गलती स्वीकार कर तहरीर वापस ले ली है।’’ –चंद्रनाथ सिंह  पूर्व सांसद मछली शहर

‘‘लड़की ने डीएम कार्यालय पर फैक्स भेजकर यह कहते हुए तहरीर वापस ले ली है कि वह इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं चाहती है।’’  -दिनेश कुमार द्विवेदी, सीओ जीआरपी

शाहजहांपुर से सौरभ दीक्षित की रिपोर्ट.

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