बाराबंकी में खनन माफियाओं का पत्रकारों पर हमला, कैमरे छीने

 

अखिलेश यादव की सरकार में खनन माफियाओं के हौसले बुलंद है आलम ये है कि कानून को ताक पर रख कर अवैध खनन कराने वाले भूमाफिया पत्रकारों पर जानलेवा हमला करने से भी गुरेज़ नहीं कर रहे हैं। ताज़ा मामला है प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जनपद का, जहां तहसील प्रशासन की साठ गांठ से रात के अँधेरे में हो रहे अवैध बालू खनन की सूचना पर कवरेज करने पहुंचे इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों के साथ खनन माफियाओ के गुर्गों ने ना सिर्फ मारपीट का प्रयास किया बल्कि पत्रकारों के कैमरे भी छीन लिए गए।
 
इस पूरे मामले में बाराबंकी जिला प्रशासन खनन माफिया के साथ खड़ा नज़र आया मीडिया कर्मियों के बार बार फोन करने पर जिलाधिकारी बाराबंकी का सीयूजी नंबर उनके चपरासी ने उठाया और अवैध खनन से जुड़ा गंभीर प्रकरण होने के बावजूद जिलाधिकारी बाराबंकी मिनिस्ती एस ने मीडिया कर्मियों से बात तक करना जरूरी नहीं समझा।
 
एक तरफ जहां प्रदेश की सरकार अवैध खनन पर गंभीर होने का दावा कर रही है और खनन सिर्फ दिन में ही कराने के निर्देश जारी कर रही है, वहीं दूसरी तरफ जिलों में तैनात अधिकारी सरकार के इन निर्देशों को ताक पर रख रहे हैं, क्योंकि अवैध खनन से सरकार को भले ही कितनी भी राजस्व हानि हो खनन माफिया से साठ गांठ के चलते अधिकारियों की जेबें तो गरम हो ही रही हैं।

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