बाराबंकी में टीवी जर्नलिस्ट बना खनन माफिया का गुर्गा!

अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद में प्रशासनिक अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे अवैध खनन को उजागर करने गए आधा दर्जन टीवी चैनलों के पत्रकारों पर खनन माफिया के गुर्गों द्वारा हमला करके उनका कैमरा छीनने की घटना हुई थी. इस सम्बन्ध में पीड़ित पत्रकारों की शिकायत पर पुलिस ने एक दर्जन से ज्यादा आरोपियों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया था. ये और बात है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी खनन माफिया की गिरफ़्तारी नहीं हुई और वो आज भी अवैध तरीके से बालू का खनन कर सरकार को लाखों के राजस्व का चूना लगा रहा है.

लेकिन इस घटना का सबसे दुखद और शर्मनाक पहलू ये है कि इस पूरे प्रकरण में बाराबंकी जनपद के एक पत्रकार जो अपनी हरकतों को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहते हैं, कि भूमिका पत्रकारिता के मुंह पर कालिख पोतने वाली है. अलग-अलग नामों से आईबीएन सेवन, जी न्यूज़ यूपी और न्यूज़ ट्वेंटी फोर चैनलों में काम करने वाला ये कथित पत्रकार खनन माफिया पर पत्रकारों द्वारा दर्ज कराये गए मुक़दमे से इतना बौखला गया कि मुकदमा दर्ज कराने वाले टीवी चैनल के पत्रकारों को अपने मोबाइल नंबर से फोन कर तरह-तरह से धमकाया और उसके इकलौते लड़के की ज़िन्दगी का हवाला देकर मुकदमा दर्ज कराने का अंजाम बुरा होने की बात तक कह डाली.

ये तो इन महाशय की किस्मत ख़राब थी कि पीड़ित पत्रकार ने इनका फ़ोन रिकार्ड कर लिया और छह मिनट की पूरी रिकार्डिंग ले जाकर बाराबंकी के पुलिस कप्तान डीके राय को सुना दी, जिसके बाद पत्रकार से खनन माफिया के गुर्गे बने इस कथित पत्रकार के खिलाफ बाराबंकी की नगर कोतवाली में धमकाने की धाराओ में मुकदमा दर्ज किया गया है.

पूरे घटनाक्रम की जानकारी होने पर आईबीएन सेवन ने तो इस दागी पत्रकार को बाहर का रास्ता दिखा दिया है. अब देखना ये है कि जी न्यूज़ यूपी और न्यूज़ ट्वेंटी फोर का प्रबंधन इस दागी पत्रकार के साथ किस तरह से पेश आते हैं. जानकारी के लिये बता दूं कि अपनी दबंगई के लिये कुख्यात इस पत्रकार को धमकाने की पुरानी आदत है. बाराबंकी ही नहीं आस पास के जिलों में भी ये काफी चर्चित रहे हैं.

बाराबंकी के एक पत्रकार द्वारा भेजे गए पत्र पर आधारित.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *