बिना इंजन सत्रह किलोमीटर दौड़ी ट्रेन, सैकड़ों यात्रियों की जान सांसत में

बाड़मेर। रेलवे प्रशासन की लापरवाही के चलते बाड़मेर-गोवाहाटी एक्सप्रेस रविवार को बिना इंजन करीब सत्रह किलोमीटर तक दौड़ गई। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह ट्रेन न केवल एक घंटे तक बिना इंजन दौड़ती रही, बल्कि उत्तरलाई स्टेशन पर पाइंट नहीं बदला गया होता तो यह कालका एक्सप्रेस से भी टकरा जाती। इसमें सैकड़ों यात्री सवार थे। बाद में एक घंटे बाद इंजन भेजकर ट्रेन को वापस बाड़मेर लाया गया। घटनाक्रम की जानकारी मिलते ही रेलवे महकमे में अफरा तफरी मच गई। रविवार शाम को ही जोधपुर रेल मण्डल के आलाअफसर बाड़मेर के लिए रवाना हो गए।

यूं दौड़ी बिना इंजन ट्रेन : सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बाड़मेर यार्ड के कैरेज स्टाफ ने मालानी एक्सप्रेस के निकलने के बाद शाम 8:45 बजे यार्ड में खड़ी गोवाहाटी एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 15631) को बिना इंजन लगाए रिलीज कर दिया। ऐसे में ऊंचाई पर स्थित यार्ड से ट्रेन बिना इंजन 40/50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ गई।

जैसे ही ट्रेन बिना इंजन दौड़ी स्टाफ को इसकी जानकारी मिली। ऐसे में बाड़मेर स्टेशन से उत्तरलाई स्टेशन पर हाथोंहाथ इसकी सूचना दी। उधर उत्तरलाई पर पहुंची हरिद्वार-बाड़मेर कालका को मुख्य लाइन पर रोककर पॉइंट बदला। कुछ ही मिनट के फासले पर गोवाहाटी ट्रेन वहां से गुजर गई और कवास स्टेशन की ओर बढ़ गई। अगर उत्तरलाई स्टेशन पर समय रहते कालका ट्रेन को रोककर पॉइंट नहीं बदला जाता तो सैकड़ों यात्रियों की जान खतरे में पड़ जाती। बाद में इंजन भेजकर गोवाहाटी एक्सप्रेस को वापस बाड़मेर स्टेशन लाया गया।

सैकड़ों यात्रियों की जान डाल दी खतरे में : जानकारी के अनुसार बाड़मेर यार्ड में लम्बे समय से शंटर कर्मचारी की कमी खल रही है। करीब एक साल पहले तक बाड़मेर यार्ड में तीन शंटर थे, लेकिन पिछले वर्ष एक शंटर ने वीआरएस ले लिया। ऐसे में दो शंटर बचे। इनमें से एक शंटर तो करीब 14 घंटे से लगातार डयूटी दे रहा था।

बाड़मेर से चंदन भाटी की रिपोर्ट.

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