बिनोद सिन्हा पांकी विधानसभा क्षेत्र में अभी से बहा रहा पैसा!

उसके पास रातों रात कमाया हुआ अपार सफेद-काला पैसा है। वह हाल ही में करीब 44 माह बाद जमानत पर जेल से छूटा है। उस पर अरबों-खरबों के घपले-घोटालों के कई मामले चल रहे हैं। वह पूर्व मुख्यमंत्री एवं चाईबासा के वर्तमान सांसद मधु कोड़ा का लंगोटिया यार रहा है। उसे अरबों रुपये के घोटाले के आरोपी कोड़ा एंड कंपनी का मुख्य सूत्रधार भी माना जाता है।  आज कल दवा घोटाले के मुख्य आरोपी मधु कोड़ा मंत्रिमंडल में स्वास्थ्य मंत्री रहे भानु प्रताप शाही की गलबहियां डाल रखा है। वह किसी किमत पर कहीं से विधान सभा चुनाव जीतना चाहता है।

इसीलिये वह इन दिनों झारखंड के उग्रवाद प्रभावित पलामु जिले के पांकी क्षेत्र में पानी की तरह पैसा बहा रहा है। वह जिधर चलता है, उधर सौ से उपर महंगी गाड़ियों का काफिला साथ चलता है। यहां से स्थानीय राजनीति के मंझे खिलाड़ी विदेश सिंह बतौर निर्दलीय विधायक हैं। फिलहाल विदेश सिंह अचरज में हैं कि उनके मांद में अचानक यह सब क्या हो कहा है।  

जी हां, मैं बात कर रहा हूं झारखंड में कथित मधु कोड़ा लूट राज का सूत्रधार बन कर उभरे एक प्रमुख आरोपी बिनोद सिन्हा की। इस शक्स का हर तरफ पैसा बोलता है। उसे यकीन है कि वह पैसा से कुछ भी कर सकता है। किसी को भी चुनाव जीता है और खुद जीत भी सकता है। जब वह मधु कोड़ा को सांसद-मुख्यमंत्री तथा उनकी पत्नी को विधायक बना दिया तो  उसके लिये खुद का रास्ता तो काफी आसान है।  इधर पिछले एक पखबारे से बिनोद सिन्हा अपने नीजि लाव-लश्कर के आलावे कथित दवा घोटालेबाज भानूप्रताप शाही के संग पांकी में खूब हवा बांध रहा है।  वहां के पत्रकारों भी बहती गंगा में हाथ धोने में पीछे नहीं है। विनोद सिन्हा को मीडिया में मोटी-मोटी सुर्खियां मिल रही है।

राजनीतिक सूत्र  बताते हैं कि विनोद सिन्हा अपने शागिर्द मधु कोड़ा की जय भारत समानता पार्टी की बनैर तले चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। हालांकि फिलहाल भानुप्रताप शाही के क्षेत्रीय युवा मोर्चा के झंडे-बैनर के साथ सारा दौड़-धूप हो रहा है। इससे पहले विनोद सिन्हा ने झाविमों, कांग्रेस, झामुमो, आजसू,राजद जैसे दलों में शामिल होने के खूब जुगत भिड़ाये लेकिन, कहीं दाल नहीं गली।  राजनीतिक विश्लेष्कों का मानना है कि विनोद सिन्हा के पांकी विधानसभा क्षेत्र  से चुनाव लड़ने की स्थिति में खास कर कांग्रेस-झामुमों-राजद की अंदरुनी मदद मिल सकती है।

रांची से राजनामा डाट काम के संचालक-संपादक मुकेश भारतीय की रिपोर्ट.

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