बीमार बाल ठाकरे के बहाने : टीवी के महान पत्रकारों की यह है पत्रकारीय समझ

Shambhunath Shukla :  बाल ठाकरे बीमार हैं, यह खबर किस कोण से है। लेकिन टीवी वाले अनवरत यह खबर चला रहे हैं। लेकिन यही खबरिया चैनल तब क्यों इतनी तत्परता नहीं दिखा पाए जब तमिलनाडु में दलितों के घर फूंके गए या मेरठ में एनएच-५८ से टोल हटाने को लेकर पिछले १५ दिनों से किसान धरना दिए बैठे हैं। दीवाली के मौके पर भी वे नहीं उठे और वहीं बैठकर हिंदुओं ने दीवाली पूजा की और मुसलिम किसानों ने नमाज अता की। अगर मेरठ के किसानों का मामला या तमिलनाडु में दलितों के घर फूंके जाने की घटना उन्हें लोकल प्रतीत होती है तो बाल ठाकरे कहां के राष्ट्रीय नेता हैं! एक बार महाराष्ट्र में सरकार बनाई और बाकी तो वे मुंबई नगर निगम तक ही सीमित रहे। टीवी के महान पत्रकारों की यह है पत्रकारीय समझ।

    Kishore Kumar यह समस्या प्रिंट मीडिया की भी रही है। तथाकथित राष्ट्रीय अखबारों में दिल्ली की छोटी घटना प्रमुख स्थान पा लेती है और बिहार या सुदूर राज्यों की बड़ी नक्सली वारदात के लिए अखबार के किसी कोने में बमुश्किल जगह मिल पाती है। ऐसे उदाहरण भरे पड़े हैं।
 
    Maheruddin Khan Shukla ji aapka aaklan sahi hai ye tv wale to aise hi khabar ka kachoomar nikalte han.Ek baat aur bandhu namaz ata nahi ki jati ada ki jati hai bhavishy ke liye is ghalti mai sudhar kar lain.
 
    Gita Dev satya kahtan …
   
    Shambhunath Shukla शुक्रिया महरुद्दीन खान साहब।
    
    Avinash Chandra वाजपेयी का घुटना, सोनिया की बीमारी खबर है तो ठाकरे की तबियत क्यों खबर नहीं ?
     
    Sumant Bhattacharya satya bachan..BIG B ne twit jo na kiya…..
     
    Shambhunath Shukla बाजपेयी और सोनिया से बाल ठाकरे की तुलना मत करिए। बाजपेयी के घुटने का जब आपरेशन हुआ था तब वे देश के प्रधानमंत्री थे और सोनिया देश की सबसे बड़ी राजनैतिक दल की नेता।
     
    Satish Chander Sharma khuda unka bhi bhalla kare
     
    Ramesh Tiwari tulna kisi ki bhi kisi se thik nahi hoti, phir bhi galtiyan karne ko mashhoor,or majboor insaan pata nahi kyun tulna karta hi rahta hai…

वरिष्ठ पत्रकार शंभूनाथ शुक्ल के फेसबुक वॉल से साभार.


 

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