बोधगया में पिट गये चैनल के पत्रकार

: सगी बहनों के हत्‍याकांड पर फर्जी खबर फ्लैश, हंगामा, रिपोर्टर फरार : गया (बिहार): झारखण्ड और बिहार के एक इलेक्ट्रानिक चैनल के लोगों ने कुछ ज्यादा ही तेज उड़ने की फितरत ने अहिंसा और शांति की भूमि बोध-गया में कोहराम मचा डाला। फर्जी खबर उड़ा कर खुद को अव्वल साबित करने की होड़ के चलते हुए इस बवाल में एक राष्ट्रीय चैनल के कैमरामैन बुरी तरह पिट गया। गुस्साई भीड़ ने उसका कैमरा बुरी तरह चकनाचूर कर दिया, जबकि रिपोर्टर ने किसी तरह खुद की जान बचायी। कैमरामैन का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

आपको बता दें कि बीती 8-9 फरवरी की रात यहां एक परिवार की दो सगी बहनों की दरिंदगी के साथ हत्या हो गयी थी। हमलावरों ने परिवार की बाकी दो अन्य महिलाओं को पीट कर बुरी तरह घायल कर दिया था। मारी गयी यह दोनों युवतियां अविवाहित थीं। बड़ी बहन 23 वर्ष की बतायी जाती है जो स्थानीय स्कूल में शिक्षिका थी, जबकि करीब 17 वर्षीय छोटी बहन बोधगया महाबोधि सोसायटी कार्यालय में लिपिकीय पद पर कार्यरत थी। जब इस दिल दहला देने वाले हादसे की खबर फैली तो पूरा बोधगया घटना स्थल पर जुट गया।

घटनाक्रम के अनुसार यहां बीमा एजेंट के तौर पर काम कर रहे एक व्यक्ति का परिवार बोधगया में बसा हुआ है। परिवार की चार संतानों में इकलौता बेटा दि‍ल्ली में नौकरी करता है और सबसे बड़ी बहन की शादी दिल्ली में ही हो चुकी है। बाकी छोटी दोनों बहनें बोधगया में ही रहती हैं। बताते हैं कि पिछले कुछ महीनों से एक व्यक्ति इन बहनों को बुरी तरह छेड़ रहा था। गरीब परिवार के इस मुखिया ने इस प्रकरण को प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाने के बजाय इन बेटियों का विवाह तय करने का फैसला कर लिया था और 8 फरवरी को वे इसी सिलसिकले में पटना गये हुए थे। घर में मुखिया की पत्नी और उनकी बूढ़ी बहन बची थीं।

9 फरवरी की सुबह जब इस नृशंस हत्याकांड की खबर फैली तो बोधगया सन्नाटे में आ गया। घटना स्थ‍ल पर लोगों की भारी भीड़ जुट गयी। इसी बीच रांची-झारखंड से प्रसारित होने वाले एक इलेक्ट्रानिक चैनल ने यह खबर प्रसारित कर दी कि यह हत्याकांड इकतरफा प्रेम-प्रसंग का नहीं, बल्कि ऑनर-किलिंग का है। यह भी फ्लैश हो गया कि इन बेटियों का पिता और बेटा फरार है। जबकि हकीकत इससे उलट थी और यह खबर मिलते हुए अभागा पिता घटनास्थल पर पहुंच गया। चैनल की खबर देख कर वहां मौजूद भीड़ नाराज हो गयी।

इसी बीच घटना की कवरेज करने एक राष्‍ट्रीय चैनल के रिपोर्टर और कैमरामैन घटनास्थल तक पहुंच गये। चैनल के लोगों को देख कर उत्तेजित भीड़ और भड़क गयी और वहां के मौजूद कैमरामैन को लोगों ने दबोच कर पीटना शुरू कर दिया। कैमरा भी चकनाचूर कर दिया गया। रिपोर्टर ने किसी तरह छिप कर अपनी जान बचायी। दरअसल, भीड़ यही समझ रही थी कि वे उसी चैनल के नुमाइंदे हैं जिसने यह फर्जी खबर फ्लैश कर दिया। तो, अब आखिरी खबर यह कि फर्जी खबर फ्लैश करने वाले चैनल का रिपोर्टर और कैमरामैन गया से फरार हो गया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गये हैं और लाश को पंचनामा के लिए भेज दिया गया है। मेडिकल के बाद ही पता चल पायेगा कि इन सगी बहनों की हत्या के पहले के साथ कहीं दुराचार तो नहीं हुआ था। लेकिन इससे पूरे कांड से यह बड़ा सवाल भी उठ गया है कि महाबोधि सोसायटी के कार्यालय में एक नाबालिग बच्‍ची कैसे नौकरी करती थी।

लेखक कुमार सौवीर वरिष्ठ पत्रकार हैं.

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