ब्‍लैकमेलर और भ्रष्‍ट बिहारी पत्रकारों की लिस्‍ट सार्वजनिक करें या माफी मांगें

‘फारवर्ड प्रेस, दिल्ली के संवाददाता जितेंद्र ज्योति बर्खास्त’ की खबर प्रकाश में आने के बाद एक सज्जन ने कमेंट करते हुए बिहार से संबंधित पत्रकारों को ब्लैकमेलर और भ्रष्ट बता दिया. इस सज्जन ने भड़ास फोर मीडिया पर खबर चलने के बाद लिखे कमेंट में एक के बहाने बिहार के सभी पत्रकारों पर उंगली उठाते हुए अपने दब्बूपन के शिकार क्षेत्रवादी मानसिकता को सार्वजनिक करने का प्रयास किया है. अगर ये अपने आप में पाक-साफ हैं तो बताएं कि कहां के पत्रकार शत प्रतिशत सही हैं.

गौरतलब है कि पत्रकारिता को पाक-साफ और सम्मानित नजरिये से देखने का काम सबसे ज्यादा बिहार में ही होता है. बिहारी फोबिया से ग्रसित इस सज्जन यानी धीरज जी को लगता है कि अगर जितेंद्र ज्योति नामक पत्रकार सही में भ्रष्ट और ब्लैकमेलर हैं और पिछले दिनों दिल्ली में एक ट्रैफिक पुलिस वाले से हफ्ता वसूलते हुए ट्रैफिक एसपी द्वारा पकडा गया था, तथा ट्रैफिक पुलिस वाले समेत इसे हवालात की हवा खानी पडी थी तो आपके ‘इस प्रगतिशील खेमे के एक बेहद शरीफ रंगकर्मी’ यानी अरविंद गौड़’ को ‘‘पैरवी’’ कर उसे हवालात जाने से बचाने की क्या पड़ी थी.

यह बात अरविन्द गौड़ ने एक रंगमंच के कार्यक्रम में इस बिंदु पर बातचीत के दौरान खुद स्वीकार की थी. जब जितेन्द्र वीडियो के बल पर ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था तो सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हुए आप और आपके सभी साथियों ने असलियत सामने लाने का प्रयास क्यों नहीं किया. अगर आपके पास जितेन्द्र ज्योति के द्वारा झूठी फैलाई कोई खबर है तो क्या आप हमे बता सकते हैं! और अंततः आपके जानकारी, अनुभव और सूचना के अनुसार ‘ऐसे ब्लैकमेलरों के कारण ही बिहार के पत्रकार बदनाम होते रहे हैं’ तो एक बार आपकी बात मान भी ली जाए तो क्या आलू से भरी बोरी में से एक आलू खराब या सड़ जाए तो इसके कारण पूरी बोरी ही सड़ी मान ली जाती है?

भड़ास फोर मीडिया पर जितेन्द्र की बर्खास्तगी की खबर चलने के बाद आपके द्वारा लिखे कमेंट में एक के बहाने बिहार के सभी पत्रकारों पर उंगली उठाई है. यह कहां तक सही है. अगर यह बिहारी पत्रकारों के प्रति दुर्भावना नहीं है तो भड़ास फोर मीडिया पर ही उन सभी ब्लैकमेलर और भ्रष्ट बिहारी पत्रकारों की लिस्ट सार्वजनिक करें जो आपके जानकारी में है या फिर दूषित क्षेत्रवादी मानसिकता को सुधारते हुए सार्वजनिक रूप से मांफी मांगे.

लेखक अमरेन्द्र यादव फारवर्ड प्रेस से जुड़े हुए हैं. इनसे संपर्क  मोबाइल नम्‍बर 9278883468 या ईमेल amarendra.forwardpress@gmail.com के जरिए किया जा सकता है.

वो मूल खबर, जिस पर कमेंट आने के बाद अमरेंद्र यादव ने अपनी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की है – फारवर्ड प्रेस, दिल्‍ली के संवाददाता जितेंद्र ज्‍योति बर्खास्‍त

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